कई बार सरकारी विभागों से चीजों की आपूर्ति तो हो जाती है लेकिन मौके पर दोयम दर्जे का सामान लगा दिया जाता है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी सख्ती पर उतर जाए तो इस तरह का घोटाला करने वालों की खैर नहीं।
स्थानीय लोगों को कोई समस्या हो तो अधिकारी उसे सुलझाने का हर संभव प्रयास करते हैं। कई बार सरकारी विभागों से चीजों की आपूर्ति तो हो जाती है लेकिन मौके पर दोयम दर्जे का सामान लगा दिया जाता है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी सख्ती पर उतर जाए तो इस तरह का घोटाला करने वालों की खैर नहीं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिला पंचायत अध्यक्ष अंतुल तेवतिया ने अचानक बीबीनगर ब्लॉक के गांव अट्टा पहुंचकर यहां लगी स्ट्रीट लाइट्स का जायजा लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बिजली के खंभे पर चढ़कर स्ट्रीट लाइट्स का जायजा लिया।
अनोखे अंदाज में की जांच
जिला पंचायत अध्यक्ष अंतुल तेवतिया ने खंभा पर चढ़कर स्ट्रीट लाइट का सेंसर, ब्रांड और पावर क्षमता की जांच की। गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बुलंदशहर ने जिले के हर गांव में 10-10 स्ट्रीट लाइट लगवाई है। स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता को लेकर उन्हें कई शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने खुद ही आकर जांच करना सही समझा। हालांकि, जांच में वह मानक के अनुरूप पाईं गईं। उनके जांच करने के अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जांच में सही पाई गई गुणवत्ता
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे, जिसको लेकर जांच की गई। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता ठीक पाई गई। अच्छी कंपनी की लाइट लगाई गई हैं। सेंसर भी लगे हुए हैं। स्ट्रीट लाइट प्रकाश भी पर्याप्त मात्रा में दे रहीं हैं।