Meghalaya Governor Satya Pal Malik बुलंदशहर के औरंगाबाद में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक आज एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा की केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर अलोचना की और राहुल गांधी की तारीफ में कसीदे पढे़। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राजपथ का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी। यह नाम अंग्रेजों का दिया नहीं था।
Meghalaya Governor Satya Pal Malik आज एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मेघालय राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ मेरी शुभकामनाएं हैं। सत्यपाल मलिक आज गुरुवार को गांव मूढ़ी बकापुर में एक एनजीओ के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री से लड़ा तो वजह यह है कि मेरे पास कुछ नहीं है। कुछ होता तो अभी तक ईडी और इनकम टैक्स की टीम मेरे पास भी आ चुकी होती। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए राज्यपाल मलिक ने कहा कि वह हर तीसरे दिन उद्घाटन कर रहे हैं अब कुछ नहीं होगा तो राजपथ का नाम बदलकर उसका ही उद्घाटन कर दिया।
भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ की। कहा कि श्रीनगर के दो मामलों को लेकर प्रधानमंत्री के पास गया। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश हुई। प्रधानमंत्री को बताया तो उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से समझौता नहीं होगा। उन्होंने दोनों मामलों को रद्द कर दिया। मलिक ने कहा कि देश का किसानों और जवानों भारी संकट में है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य कमेटी का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया जिसने कृषि कानून बनाए थे।
अगर एमएसपी लागू नहीं होती तो देश में बहुत बड़ी जंग किसानों और सरकार के बीच होगी। उन्होंने किसानों से कहा कि आप बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें। सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों और जवानों को बर्बाद करके आज तक इस देश में सरकार नहीं चली। फौज को बर्बाद करने के लिए अग्निवीर योजना लाई गई है। आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारी तो उन्हें कश्मीर भेज दिया। राज्यपाल मलिक ने कहा कि जिस दिन किसानों की लड़ाई शुरू की है उस दिन से इस्तीफा उनकी जेब में है। प्रधानमंत्री कह दें तो मैं सेकेंड में इस्तीफा दे दूंगा। महंगाई और बेरोजगारी पर उन्होंने केंद्र सरकार को सरकार को कठघरे में खड़ा किया।