Highlights मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुआ था आतंकी हमला प्रवीण तेवतिया के फेफड़ों के आरपार हो गई थीं गोलियां केबीसी में बुलाया गया था मरीन कमांडो को
बुलंदशहर। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमला हुआ था। ताज होटल पर हुए हमले में अपनी जान की बाजी लगाकर दुश्मन को धूल चटाने वाले प्रवीण तेवतिया एक बार फिर देशसेवा के लिए आगे आए हैं। उन्होंने अपने 3 दर्जन से अधिक मेडल्स की ऑनलाइन नीलामी शुरू कर दी है। उससे मिलने वाले रुपये वी पीएम केयर फंड में देंगे। अब तक दो मेडल बेचकर वह दो लाख रुपये की राशि को दान दे चुके हैं।
शौर्य चक्र से किया जा चुका है सम्मानित
बुलंदशहर जिले के गांव भटौना निवासी मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया ने 26/11 को मुंबई के ताज होटल पर हुए आतंकी हमले में दुश्मन का जमकर मुकाबला किया था। वह अपनी बहादुरी के दम पर कई लोगों की जान बचाने में कामयाब हुए थे। दुश्मन के छक्के छुड़ाने के दौरान उन्हें भी कई गोलियां लगी थीं। फेफड़ों को दुश्मन की गोलियों ने चीरकर रख दिया था। उन्हें अपना कान भी आतंकियों से लोहा लेने में गंवाना पड़ा था। मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया अब तक नेवी से रिटायरमेंट के बाद काफी नाम कमा चुके हैं। उनकी बहादुरी के लिए उनको शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।
आयरनमैन का खिताब भी जीत चुके हैं प्रवीण
नेवी से रिटायर होने के बाद उन्होंने दुनिया के सबसे मुश्किल इवेंट्स में से एक आयरन मैन का खिताब भी अपने नाम किया है। प्रवीण ने दुनियाभर में अपने गांव व देश का भी काफी नाम रोशन किया है। उनकी इसी उपलब्धि की वजह से उनको कौन बनेगा करोड़पति के स्पेशल के शो में भी बुलाया जा चुका है। अब एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अपने सभी मेडल्स को बेचने का फैसला लिया है।
पदकों की नीलामी शुरू की
साउथ अफ्रीका, मलेशिया और अमेरिका में आयरन मैन का खिताब हासिल कर चुके प्रवीण ने देश की छोटी—बड़ी कई प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। अब देश की मदद के लिए उन्होंने अपने पदकों की ऑनलाइन नीलामी शुरू कर दी है। इससे मिले रुपये को वह पीएम केयर फंड में दान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचने का एक ही उपाय है, घर में रहें सुरक्षित रहें। इस बीमारी के लड़ने के लिए उन्होंने अपने 35 से ज्यादा पदकों की ऑनलाइन नीलामी शुरू की है। अब तक दो मेडल्स बिक चुके हैं। जो कोई भी उनके पदक खरीदना चाहता है, वह उनकी वेबसाइट पर जाकर नीलामी में हिस्सा ले सकता है।
कमरे में छिपे थे आतंकी
बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के समय प्रवीण तेवतिया मरीन कमांडो थे। आॅपरेशन के दौरान वह दूसरी टीम में शामिल होकर ताज होटल पहुंचे थे। वहां कमरे में तीन आतंकी छिपे थे। कमरे में घना अंधेरा था। प्रवीण तेवतिया ने जान की परवाह किए बगैर कमरे में घुस गए थे। वहां गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था।