भाजपा ने सहानुभूति का लाभ लेने के लिए दिवंगत नेताओं के परिवार की महिलाओं पर जताया भरोसा
बिजनौर. लंबे इतंजार के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से कैराना और नूरपुर उपुचनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम मंगलवार को घोषित कर दिए। माना जा रहा है कि 10 मई को भाजपा के दोनों प्रत्याशी नामांकन भर सकते हैं। भाजपा ने सहानुभूति की लहर का फायदा उठाने के लिए दोनों ही दिवंगत नेताओं की परिवार की महिला प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई कैराना लोकसभा सीट से भाजपा ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया है। वहीं, नूरपुर विधानसभा सीट के विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद खाली हुई सीट पर उनकी पत्नी अवनी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। गौरतलब है कि कैराना से रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन और नूरपुर से सपा के उम्मीदवार नईमुल हसन दावा ठोक रहे हैं। बताया जाता है कि ये दोनों नेता बुधवार 9 मई को नामांकन भर सकते हैं।
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गौरतलब है कि इन दोनों सीटों पर विपक्ष सपा,बसपा,रालोद और कांग्रेस ने संयुक्त उम्मीदवार उतार है, ऐसे में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के बाद भाजपा के लिए इन दोनों सीटों को भी बचाना मुश्कल लग रहा। लेकिन भाजपा किसी भी हाल में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है। बताया जाता है कि भाजपा के दोनों ही प्रत्याशी 10 मई को नामांकन फॉर्म भरेंगे। इसके साथ ये भी खबर है कि भाजपा इस दौरान जमकर शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। बताया जा रहा है कि नामांकन के दौरान भाजपा के कई मंत्री और पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे।
आपको बता दें कि कैराना लोकसभा सीट सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर विधानसभा की सीट विधायक लोकेन्द्र सिंह के निधन से खाली हुई थी। दोनों ही जगह पर 28 मई को मतदान होगा,जबकि 31 मई को मतो की गिनती होगी।
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ये हैं गठबंधन के उम्मीदवार
दोनों ही सीटों पर सपा और रालोद ने गठबंधन कर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। कैराना से जहां रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन मैदान में हैं। वहीं, नूरपुर से सपा के उम्मीदवार नईमुल हसन मैदान अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। बसपा ने इस उपचुनाव से खुद को दूर रखने का ऐलान किया है,लेकिन माना जा रहा है कि वह सपा का समर्थन कर सकती है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने भी इन दोनों सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने से मना कर गुप्त रूप से रालोद और सपा के उम्मीदवार का समर्थन कर दिया है।