बुलंदशहर

पुलिस के काम से नराज वकीलों ने खोला मोर्चा, तीन दिन से ठप है कोर्ट का काम

वकीलों ने सुनवाई नहीं होने तक किया अनसन का ऐलान

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पुलिस के काम से नराज वकीलों ने खोला मोर्चा, तीन दिन से ठप है कोर्ट का काम

हापुड़. उत्तर प्रदेश के हापुड जिले के वकीलों का धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना दे रहे इन वकीलों का आरोप है कि पुलिस वकीलों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उनका उत्पीड़न कर रही है। दरअसल ये वकील एसओ हाफिजपुर के रवैये से तंग आकर धरने पर बैठे हुए हैं। दो दिन से लगातार धरना देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज वकीलों ने पुलिस को कचहरी परिषर में घुसने नहीं दिया। जब डीएसपी व पुलिसकर्मी कचहरी में घुसने लगे तो वकीलों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाकर पुलिस को कचहरी परिसर से खदेड़ दिया। इस दौरान उग्र वकीलों ने कैदियों के वाहनों को भी अंदर नहीं घुसने दिया ।

आप को बता दें के थाना हाफिजपुर के गांव सादिकपुर में एडवोकेट मुकेश शर्मा से 12 अगस्त को उनके पड़ोसी गोपाल और उसके साथियों ने घर में घुसकर मारपीट की थी। जब मुकेश शर्मा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गए तो थानाध्यक्ष सुभाष चंद गौतम ने अधिवक्ता से अभद्रता की और रिपोर्ट भी नहीं लिखी। इसके बाद हापुड़ बार प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिल था। इसी बीच थानाध्यक्ष अधिवक्ता के घर पहुंचे और उन पर दबाव बनाते हुए धमकी दी कि यदि फैसला नहीं किया तो उल्टा उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। इसके बाद अधिवक्ता के खिलाफ ipc की धारा 354 का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इसको लेकर एसपी से सोमवार को अधिवक्ता मिले थे, लेकिन इसके बाद भी थानाध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद एसओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठ गए। बार के अध्यक्ष संजय कंसल ने बताया कि हापुड धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर के सभी वकील बुधवार को हड़ताल पर है।

धरने के दौरान हापुड तहसील और रजिस्ट्री कार्यलय पर कोई भी कार्य नहीं हो पा रहा है। पुलिस के रवैये से नाराज वकीलों ने कहा कि हमने बुधवार को पुलिस को भी कचहरी परिषर में घुसने नहीं दिया । अगर हमारी जो मांगे हैं, उनको नहीं माना गया तो हम अनसन से लेकर आत्मदाह भी करने से पीछे नही रहेंगे। इसके साथ ही इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो पश्चमी उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर प्रदेश के वकीलों का साथ भी लेंगे, लेकिन किसी भी सूरत में किसी भी वकील का उत्पीड़न किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Published on:
29 Aug 2018 08:34 pm
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