
सिपाही सुधीर की फाइल फोटो।
Bulandshahr Constable Suicide News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तैनात 25 वर्षीय सिपाही की सर्विस राइफल से आत्महत्या की घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में इस मामले को लेकर कई पहलू सामने आए हैं। एक ओर मृतक सिपाही के ऑडियो में थानाध्यक्ष और दो मुंशियों पर मानसिक प्रताड़ना और छुट्टी न देने का आरोप लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर साथी पुलिसकर्मियों का कहना है कि वह निजी कारणों से भी काफी तनाव में था। पुलिस ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
घटना औरंगाबाद थाना क्षेत्र की लखावटी पुलिस चौकी के पास की है। गुरुवार तड़के करीब तीन बजे सिपाही सुधीर ठाकुर अपनी सर्विस राइफल लेकर चौकी से बाहर नहर की ओर चला गया। उसके साथ ड्यूटी पर मौजूद सिपाही सौरभ को शक हुआ तो वह भी उसके पीछे गया। सौरभ के मुताबिक, सुधीर लगातार कह रहा था कि वह अब जीना नहीं चाहता। जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो उसने कथित तौर पर हवाई फायरिंग की और पास आने पर गोली मारने की चेतावनी दी। इसके बाद सौरभ चौकी इंचार्ज को सूचना देने दौड़ा। इसी दौरान सुधीर ने राइफल गर्दन से सटाकर खुद को गोली मार ली।
आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए ऑडियो में सुधीर ने अपनी मौत के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष राहुल चौधरी और चौकी के दो मुंशियों को जिम्मेदार ठहराया। ऑडियो के अनुसार, उसने पेट दर्द की शिकायत और छुट्टी की मांग की थी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि उसे डांटा गया, गाली-गलौज की गई और बाद में लाइन हाजिर कर दिया गया। ऑडियो में उसने कहा कि मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर वह यह कदम उठा रहा है और उसे न्याय चाहिए।
मृतक की भाभी ने भी आरोप लगाया कि सुधीर की तबीयत खराब थी और उसने छुट्टी मांगी थी, लेकिन छुट्टी देने के बजाय उसे प्रताड़ित किया गया। परिवार का कहना है कि इसी वजह से वह मानसिक रूप से टूट गया।
वहीं, सुधीर के एक साथी सिपाही ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से निजी कारणों से भी तनाव में था। उसके अनुसार, जिस युवती से सुधीर प्रेम करता था, उसकी करीब एक महीने पहले शादी हो गई थी। इसके बाद से वह अक्सर उदास रहता था और कई बार कहता था कि अब वह जीना नहीं चाहता। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आत्महत्या की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
घटना के बाद बुलंदशहर के एसपी दिनेश कुमार सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष राहुल चौधरी और दोनों मुंशियों को लाइन हाजिर कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग, परिजनों के आरोप, साथी पुलिसकर्मियों के बयान और अन्य सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सिपाही द्वारा इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
Updated on:
16 Jul 2026 02:16 pm
Published on:
16 Jul 2026 02:16 pm
