केंद्र सरकार ने की बुलंदशहर के किसान भारत भूषण त्यागी को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा
बुलंदशहर. यूपी के बुलंदशहर जिले के किसान भारत भूषण त्यागी को सरकार ने जैविक खेती करने पर पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा की है। पद्मश्री सम्मान की घोषणा के बाद आर्गेनिक फार्मिंग किसान के रूप में पहचान बना चुके भारत भूषण त्यागी का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए एक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने अन्य किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि आर्गेनिक फार्मिंग कर किसान नाॅन आर्गेनिक फार्मिंग से अधिक पैदावार और उपज का कई गुना अधिक मूल्य प्राप्त कर स्वावलंबी बन सकते हैं।
दिल्ली से महज 80 किलोमीटर दूर बुलंदशहर जिले के बीहट गांव में रहने वाले 65 वर्षीय किसान भारत भूषण त्यागी आर्गेनिक खेती के कारण देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे आसपास के जिलों के साथ ही अन्य प्रदेशों में भी जैविक खेती के लिए किसानों की कार्यशाला कर किसानों को प्रेरित करने का काम कर रहे हैं। उनके इस कार्य के लिए उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार कई बार उन्हें सम्मानित कर चुकी है। भारत भूषण त्यागी का कहना है कि उन्होंने 1997 में आर्गेनिक खेती की शुरुआत की थी।
भारत भूषण त्यागी ने बताया कि सरकार ने देश में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत कृषि एवं खाद्य परिषद की ओर से योजना शुरू की है। इसलिए खेत की प्रकृति और मौसम की परिस्थति को देख समझकर इस योजना का लाभ लिया जा सकता है। आर्गेनिक खेती से मानव जाति उत्थान एवं कृषि उपज की गुणवत्ता के सुधार में सहायक है। जैविक खेती से किसान अपनी दशा को बदल सकते हैं। इसमें उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, प्रमाणीकरण, बाजारीकरण को समझकर किया जाए तो किसानों को नौकरी की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे स्वावलम्बी बन सकते हैं। बता दें कि भारत भूषण त्यागी को इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय कृषि मंत्री और सीएम आदित्यनाथ योगी भी सम्मानित कर चुके हैं और अब सरकार ने पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा की है।