बुलंदशहर

शर्मनाकः बुलंदशहर के अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में उठाकर बीमार पिता को ले गया बेटा

जिले में वायरल से दर्जनों मौत के बाद भी नहीं चेत रहे स्वास्थ विभाग के अधिकारी
2 min read
• •
Updated: 23 Sep 2018, 2:58 PM IST
Bulandshahar hospital
शर्मनाकः बुलंदशहर के अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में उठाकर बीमार पिता को ले गया बेटा

बुलंदशहर. इस वक्त पूरा उत्तर प्रदेश वायरल और डेंगू के क़हर से त्राहि-त्राहि कर रहा है। इसके बावजूद बुलन्दशहर में स्वास्थ विभाग के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। दिल्ली से महज 70 किलोमीटर दूर बुलन्दशहर के अनूपशहर सीएचसी और खुर्जा के सूरजमल जटिया सीएचसी में चिकित्सक मरीजों को स्ट्रेचर तक देना मुनासिब नहीं समझते। हालात ये है कि मरीज के परिजनों को खुद ही अपने कंधे और गोद में मरीजों को लेकर जाने को विवश होना पड़ रहा है।

यूपी इस वक्त वायरल और डेंगू की मार झेल रहा है। इससे न तो प्रशासन अनजान है और न ही स्वास्थ्य विभाग। वायरल और डेंगू की वजह से अब तक सैंकड़ों मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि सैंकड़ों लोग अब भी वायरल की चपेट में हैं, लेकिन यूपी के बुलन्दशहर से स्वास्थ्य विभाग के निक्कमेपन की तस्वीरें सामने आई हैं। ये तस्वीर बुलन्दशहर के अनूपशहर सीएचसी की है। जहां एक बेटा स्ट्रेचर नहीं मिलने पर बुखार से पीड़ित अपने बाप को गौद में उठा ले जाने को मजबूर है। वहीं, दूसरी तस्वीर बुलन्दशहर के खुर्जा स्तिथ सूरजमल जटिया सीएचसी की है। जहां बुखार से तप रहे मासूम को दंपत्ति गोद में उठाकर ऑटो से ले जाने को मजबूर हुए। एक ओर वायरल बुखार की वजह से बुलन्दशहर के हज़ारों लोग अस्पताल का दरवाज़ा खटखटा रहे हैं। वहीं अनूपशहर सीएचसी का आलम ये है कि यहां मरीजों को स्ट्रेचर तक भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। बेटा बाप को कांधे पर उठा ले जा रहा है, लेकिन केबिन में डॉक्टर की कुर्सी खाली मिली।

यूं तो केन्द्र से लेकर राज्य सरकारें स्वास्थ सेवाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर होने का दावा करती है, लेकिन बुलन्दशहर में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की सेहत पर इसका ज़रा असर नहीं पड़ता दिख रहा है। बुलन्दशहर में अब वायरल बुखार से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, ऐसे में अस्पतालों से ऐसी तस्वीरें आना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने के लिए काफी है।

Published on: