मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद हुए जवान जगपाल सिंह के परिवार के लिए 25 लाख रुपये सहायता राशि का ऐलान किया है।
बुलंदशहर। पाकिस्तान ने शुक्रवार को सीजफायर उल्लंघन कर जम्मू कश्मीर के सांबा, कठुआ, नौशेर और राजौरी सेक्टर में भारी गोला-बारी की। गोलाबारी में बुलंदशहर के लाल जगपाल सिहं भी शहीद हो गए। उधर, शहीद होने की खबर जैसे ही गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। शहीद जगपाल सिंह के बेटे ने पीएम नरेन्द्र मोदी से अपने पिता की शहादत का बदला लेने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद के परिवार को 25 लाख रुपये सहायता राशि देने का ऐलान किया है। वहीं, शहीद के बेटे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक सिर के बदले पाकिस्तान का 10 सिर काटकर लाने की अपील की है।
कौन थे शहीद जगपाल सिंह ?
बता दें कि बुलंदशहर के सलेमपुर थानाक्षेत्र गांव भैसरोली नासिरपुर निवासी जगपाल बीएसएफ की 173 बटालियन में जवान थे। इन दिनों उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में थी। शुक्रवार शाम को परिजनों को बीएसएफ मुख्यालय से आए फोन पर जगपाल के शहीद होने की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी करतारी देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जगपाल के शहीद होने का पता चलने पर सैकड़ों ग्रामीण भी घर के बाहर एकत्र हो गए और पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने लगे। बता दें कि शहीद जगपाल सिंह अपने पीछे पत्नी करतारी देवी, पुत्री गीता, बबीता, नीशा, बुलबुल और पुत्र गौरव को छोड़ गए हैं।
आज आना था छुटटी पर
शहीद जगपाल सिंह के भतीजे राहुल कुमार ने बताया कि जगपाल सिंह को 19 जनवरी से छुटटी ली थी। 20 जनवरी को छुटटी पर घर आने वाले थे, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से हुए सीजफायर उल्लंघन में शहादत की खबर ही घर पहुंची है। जिसके बाद परिवार को गहरा धक्का पहुंचे।
4 फरवरी को बेटी की शादी
जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में मुठभेड़ में शहीद हुए जगपाल की बेटी निशा की आगामी 4 फरवरी को शादी होनी है। परिवार के सदस्य भी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। बेटी की शादी के लिए जगपाल सिंह भी 20 जनवरी को ही छुट्टी पर आने वाले थे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले उनकी शहादत की ख़बर से घर में मातम छा गया है।