
इंद्रगढ़ थाना प्रभारी रामानंद यादव ने बताया कि जयपुर के मानसरोवर निवासी राजेश जैन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इंद्रगढ़ में मेगा हाईवे पर प्रोपर्टी की दुकान लगाने वाले करवर थाना क्षेत्र के अरनेठा निवासी महावीर नागर ने 1 वर्ष पहले बड़ाखेड़ा व बसवाड़ा गांव में 650 बीघा खातेदारी जमीन दिलाने का लिखित में इकरार किया था।
इसके बदले प्रोपर्टी डीलर ने राजेश जैन से अलग-अलग किश्तों में कुल 14 लाख 25 हजार रुपए ऐठ लिए। इतना ही नहीं जैन ने जब रुपए वापस लेने का दबाव बनाया तो प्रोपर्टी डीलर ने 28 अप्रेल 17 को पिंकी शर्मा से 11 लाख 85 हजार का चेक काटकर दिलवा दिया। जिसे कैश कराने के लिए खाते में लगाया तो वह बाउन्स हो गया। उन्होंने बताया कि फरियादी लम्बे समय से प्रोपर्टी डीलर से जमीन की रजिस्ट्री कराने की मांग कर रहा था, लेकिन डीलर न तो जमीन की रजिस्ट्री करवा रहा और न ही रकम लौटा रहा है।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।मामले की जांच सहायक थाना प्रभारी नारायण लाल को सौंपी गई। जिन खसरा नम्बर का बेचान हुआ वह गैर खातेदारी भूमि थी फरियादी ने बताया कि प्रोपर्टी डीलर ने इकरारनामे में जिन खसरा नम्बरों का बेचान किया, उन खसरा नम्बर की कृषि भूमि वर्तमान में गैरखातेदारी है। जिसका खातेदारी नहीं होने तक बेचान नहीं किया जा सकता। जबकि प्रोपर्टी डीलर ने फरियादी को खातेदारी कृषि भूमि दिलाने का इकरार किया था।