सरकारी प्रक्रिया की अनदेखी के चलते दो वर्ष बाद भी बूंदी जिले में उचित मूल्य की 98 दुकानों के
बूंदी. सरकारी प्रक्रिया की अनदेखी के चलते दो वर्ष बाद भी बूंदी जिले में उचित मूल्य की 98 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इतना लंबा समय बीत चुका फिर भी प्रक्रिया कागजों में जारी है। इस मामले में रसद विभाग की अनदेखी साफतौर पर नजर आई है।
सेूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष २०१५ में जिला रसद विभाग ने जिलेभर में रिक्त व नेवसृजित दुकानों के लिए कुल ९८ दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की थी।
विभाग के पास कुल ५०२ आवेदन जमा हुए। इसके बाद वर्ष २०१६ में ९६ दुकानों के लिए साक्षात्कार हुए। २ दुकानों के आवेदन नहीं आए। इसके बाद भी एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका। फिर भी रसद विभाग दुकानों का आवंटन नहीं कर रहा है।
तत्कालीन डीएसओ ने नहीं दिखाई रुचि
राशन की दुकानों के आवंटन में तत्कालीन जिला रसद अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। यही कारण रहा कि मामला दो वर्ष बाद भी अटका पड़ा है। वर्ष २०१५ में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद वर्ष २०१६ में तत्कालीन जिला रसद अधिकारी ओम प्रकाश पांडे ने साक्षात्कार लिए। इस दौरान उनका स्थानांतरण हो गया। इनके बाद आने वाले तत्कालीन जिला रसद अधिकारी ने दुकानों के आवंटन में रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने इस प्रक्रिया को लंबित ही रखा। उनकी सेवानिवृत्ति हो गई, अब तीसरे जिला रसद अधिकारी ने कामकाज संभाला है।
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आम उपभोक्ता हो रहा परेशान
उचित मूल्य दुकानों का आवंटन नहीं होने से शहरी व ग्रामीण इलाकों में आम उपभोक्ता को दुकानों की कमी खल रही है। राशन प्राप्त करने में उपभोक्तेाओं को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। जिस ग्राम पंचायत में एक ही दुकान है वहां पर बड़ी संख्या में लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे में दुकानों का आवंटन जल्द से जल्द होना चाहिए।
जिला रसद अधिकारी संदीप माथुर ने बताया कि बूंदी तत्कालीन जिला रसद अधिकारी ने आवंटन प्रक्रिया को लंबित रखा। इस कारण देरी हो गई। थोड़े समय पहले पदभार संभाला है। जनवरी व फरवरी तक सभी दुकानों के प्राधिकार पत्र जारी कर दिए जाएंगे। प्रक्रिया चल रही है।