
बूंदी। भाजपा विधायक के दबाव में दूध डेयरी संचालक बंशीलाल सैनी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष सहित तीनों आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करने का मामला मंगलवार को जयपुर पहुंच गया।
माली (सैनी) युवा जागृति मंच का प्रतिनिधि मंडल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, गृह सचिव चेतन देवड़ा और मुख्यमंत्री कार्यालय में मिला और उक्त प्रकरण में बूंदी पुलिस की भूमिका से अवगत कराया।
आरोपितों के खुलेआम घूमने से मृतक का परिवार दहशत में
उन्होंने बताया कि इस मामले में कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर, लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज है। आरोपितों के खुलेआम घूमने से मृतक का परिवार दहशत में है और माली समाज हताश है।
बूंदी पुलिस की भूमिका की जांच के लिए कहेंगे: गहलोत
गहलोत ने कहा कि बूंदी पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच के लिए कहेंगे। गृह सचिव ने भी उन्हें पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में युवा जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश बघेल, कोटा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीचंद सुमन, जिला संयोजक प्रतीक सैनी, कोटा विधि महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रदीप सुमन, प्रदेश प्रभारी बलराम सुमन शामिल थे।
कुछ लोगों को धमकाने का मामला भी सामने आया
इस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे कुछ लोगों को धमकाने का मामला भी सामने आया है। माली समाज के डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता वैभव मित्तल को इस मामले में सोश्यल मीडिया पर पोस्ट करने पर धमकी दी जा रही है। इसकी शिकायत पुलिस को दी जाएगी।