12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान सरकार ने जन-आधार प्रणाली में किया बड़ा बदलाव, स्वतः अपडेट हो जाएगा जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड

Change In Jan-Aadhar System: राजस्थान सरकार ने जन-आधार प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब नवजात शिशुओं का नाम जन-आधार में स्वतः जुड़ जाएगा, जबकि किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसका नाम अपने आप हट जाएगा।

2 min read
Google source verification
Jan Adhar Update

राजस्थान के CM भजनलाल की फाइल फोटो: पत्रिका

राजस्थान सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक तेजी से पहुंचाने के लिए जन-आधार प्रणाली में हाल ही में बड़ा बदलाव किया है। राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की ओर से जारी परिपत्र के तहत अब नवजात शिशु का जन आधार में स्वतः नामांकन हो जाएगा वहीं किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसका नाम भी स्वतः हट जाएगा। इसके लिए पहचान पोर्टल के साथ डेटा इंटीग्रेशन की व्यवस्था लागू की गई है।

जन आधार योजना में राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 अंकों की जन आधार पहचान संख्या दी जाती है। अब इस प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जन्म और मृत्यु के मामलों में स्वतः अपडेट की सुविधा जोड़ी गई है। इससे राजस्थान में सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचेगा और फर्जी या अप्रासंगिक रिकॉर्ड समाप्त होंगे। जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड अब अलग अलग विभागों में दर्ज कराने की बजाय एकीकृत सिस्टम के जरिए स्वतः अपडेट होंगे। इससे आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय की बचत होगी।

बेबी ऑफ मदर नेम से होगी नवजात की पहचान

जनाधार की नई व्यवस्था के तहत किसी नवजात शिशु के जन्म के बाद जब पहचान पोर्टल पर जन्म प्रमाण पत्र जारी होगा और उसका डेटा सिस्टम में अपडेट होगा, तो उसी आधार पर शिशु का नाम स्वतः उसकी माता के नाम से नवजात की पहचान होगी।

ऐसे शिशु जिनका नाम जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं होता उन शिशुओं का जन आधार नामांकन उनकी माता के जन आधार परिवार में वास्तविक नाम उपलब्ध होने तक बेबी ऑफ माता के नाम से स्वतः ही जोड़ा जाएगा। इसके लिए पहचान पोर्टल से शिशु का जन्म प्रमाण पत्र बनवाते समय जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन फॉर्म में शिशु की माता की आधार संख्या, जन आधार परिवार पहचान संख्या एवं जन आधार सदस्य पहचान संख्या दर्ज करना आवश्यक है। जन आधार में माता की आधार ई-केवाईसी आवश्यक रूप से होनी चाहिए।

जिन शिशुओं का नाम जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं होगा, उन्हें अस्थायी रूप से बेबी ऑफ मदर नेम के रूप में जोड़ा जाएगा, जिसे बाद में संशोधित किया जा सकेगा। शिशु का फोटो और अन्य विवरण जन आधार के प्रोफाइल एडिटिंग मॉड्यूल के माध्यम से अपडेट किए जा सकेंगे। जन्म प्रमाण पत्र में नाम अपडेट होते ही पहचान पोर्टल से डेटा प्राप्त होने पर जन आधार में भी नाम स्वतः संशोधित हो जाएगा।

राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ आमजन तक त्वरित गति से पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान जनाधार प्राधिकरण द्वारा नवजात शिशु के जन्म उपरांत स्वतः जन आधार नामांकन एवं मृत्यु के कारण किसी सदस्य का जन आधार से नाम स्वतः हटाने के प्रावधान किए है।
डॉ. रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव, आयोजना एवं महानिदेशक राज.ज.आ.प्रणाली

मृतक का नाम स्वतः हटेगा

नए नियमों के मुताबिक यदि किसी जन आधार परिवार के सदस्य की मृत्यु हो जाती है और पहचान पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो जाता है, तो संबंधित सदस्य का नाम स्वतः जन आधार परिवार से हटा दिया जाएगा। इससे मृत व्यक्तियों के नाम पर चल रहे रिकॉर्ड समाप्त होंगे और योजनाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।