
हिण्डोली. गुढा बांध में तहसीलदार व थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते किसान व जनप्रतिनिधि।
हिण्डोली. नहरी क्षेत्र के किसानों और जनप्रतिनिधियों ने खरीफ फसलों को बचाने के लिए सोमवार को गुढ़ा बांध ग्राम पंचायत परिसर में महापंचायत आयोजित कर बांध का पानी नहरों और मेज नदी में छोडऩे की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी। पूर्व सरपंच मनमोहन धाबाई के नेतृत्व में आयोजित महापंचायत में गुढ़ा बांध, सथूर, बड़ोदिया, धोवड़ा, नारायणपुर, चेता, चतरगंज, क्रोध, मांगली सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और जल उपयोक्ता संगमों के अध्यक्ष शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में गुढ़ा बांध से नहरों में पानी छोडऩे की मांग की।
धाबाई ने कहा कि जुलाई माह समाप्ति की ओर है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हुई। किसानों ने धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई कर दी है, लेकिन ङ्क्षसचाई के लिए पानी नहीं मिलने से फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गुढ़ा बांध में करीब साढ़े 27 फीट पानी है। यदि इसमें से चार फीट पानी नहरों में छोड़ दिया जाए तो किसानों की फसलें बच सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल संसाधन मंत्री सुरेश ङ्क्षसह रावत से भी दूरभाष पर चर्चा की गई है तथा मंगलवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाकर उनसे मुलाकात करेगा। महापंचायत के दौरान तहसीलदार रतनलाल मीणा और बसोली थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। किसानों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर, बूंदी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नहरों एवं मेज नदी में शीघ्र जल प्रवाह शुरू कराने की मांग की। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि किसानों की मांग जिला कलक्टर तक पहुंचाई जाएगी।
महापंचायत में बड़ोदिया प्रशासक राधेश्याम गुप्ता, ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भारत ङ्क्षसह सोलंकी, महेंद्र सिंह हाड़ा, किसान नेता करण सिंह, हेमराज गुर्जर, मुकेश कोटवाल, शिवराम गुर्जर, रामधन गुर्जर, महावीर मीणा, पूर्व सरपंच कालूलाल गुर्जर, महावीर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मेज नदी में भी पानी छोडऩे की मांग
किसानों ने बताया कि मेज नदी सूखने से नदी किनारे स्थित ट््यूबवेलों का जलस्तर भी तेजी से घट गया है। इन्हीं ट््यूबवेलों से हिण्डोली कस्बे और आसपास के गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में मेज नदी में भी पानी छोड़ा जाना आवश्यक है।
गुढ़ा बांध से जल प्रवाह शुरू करने का अंतिम निर्णय जिला कलक्टर करेंगे। इसके लिए जल उपयोक्ता संगमों के अध्यक्षों के साथ बैठक भी होगी। उन्होंने कहा कि इस बार वर्षा कम होने की संभावना को भी ध्यान में रखा जाएगा।
शेर सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग बूंदी
Updated on:
21 Jul 2026 12:12 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:10 pm
