
Bundi: 60 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई का खतरा (फाइल फोटो-पत्रिका)
बूंदी। शहर के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत नगर परिषद ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में बूंदी बायपास क्षेत्र का सर्वे कर करीब 60 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मकानों को शहर के दृश्य (सिटी व्यू) और प्रस्तावित सौंदर्यीकरण योजना में बाधा माना गया है। नगर परिषद ने सभी संबंधित लोगों से भूमि और भवन स्वामित्व के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। दस्तावेज नहीं देने वाले मकानों पर आगामी दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है, जिससे क्षेत्र के लोगों में बुलडोजर एक्शन की आशंका बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन और नगर परिषद बूंदी बायपास को 'फूलों की घाटी' के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से बायपास के किनारे और सड़क की सतह से काफी ऊंचाई पर बने मकानों का सर्वे कराया गया। सर्वे में ऐसे 60 निर्माण चिह्नित किए गए, जिनके बारे में नगर परिषद का कहना है कि वे शहर के प्राकृतिक दृश्य और सौंदर्यीकरण को प्रभावित कर रहे हैं।
नगर परिषद की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित मकान मालिकों से भूमि स्वामित्व और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं। हालांकि अब तक केवल करीब 12 लोगों ने ही अपने दस्तावेज परिषद में जमा कराए हैं। शेष लोगों द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नोटिस मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में हलचल बढ़ गई है। कई मकान मालिकों का कहना है कि जब इन भवनों का निर्माण हो रहा था, तब नगर परिषद ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। यदि उस समय निर्माण पर रोक लगा दी जाती तो आज यह स्थिति नहीं बनती। स्थानीय लोगों ने उस समय तैनात अतिक्रमण दस्ते और भवन निर्माण शाखा से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
बूंदी नगर परिषद के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी जोधराज मीना ने बताया कि 60 मकान मालिकों को नामजद नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ लोगों ने अपने पट्टे और अन्य दस्तावेज जमा कराए हैं, जबकि बाकी ने अभी तक सहयोग नहीं किया है। उन्होंने बताया कि अधिकांश निर्माण पिछले पांच से सात वर्षों के दौरान हुए हैं और आगे जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
'प्रथम चरण में सर्वे के बाद नोटिस दिए गए हैं। उक्त मकानों की वजह से सिटी व्यू दिखाई नहीं देता है, निर्माण गलत तरीके से किया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से आगामी दिनों में कार्रवाई प्रस्तावित है।' -बृजेश रॉय, आयुक्त नगर परिषद बूंदी
Updated on:
19 Jul 2026 05:43 pm
Published on:
19 Jul 2026 05:42 pm
