बूंदी. आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शुरू की गई त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था के तहत गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यवाहक जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा ने आमजन की परिवेदनाएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जिला स्तरीय जनसुनवाई में कचरा […]
बूंदी. आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शुरू की गई त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था के तहत गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यवाहक जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा ने आमजन की परिवेदनाएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
जिला स्तरीय जनसुनवाई में कचरा पॉइंट पर फैले कचरे का व्यवस्थित उठाव करवाने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं दिलवाने, सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटवाने और सरकारी दस्तावेजों में नाम शुद्धीकरण, बिजली पोल हटवाने, सडक़ की मरम्मत करवाने सहित विभिन्न जन समस्याओं से संबंधित कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए।
कार्यवाहक जिला कलक्टर ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी शिकायतों का पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को तत्काल राहत प्रदान की जा सके। जिला स्तरीय जनसुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
लंबित प्रकरणों की हुई समीक्षा
इस दौरान कार्यवाहक जिला कलक्टर ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन्हें शीघ्रता से निस्तारित करें। जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसवीर मीणा, उपखंड अधिकारी बूंदी लक्ष्मीकांत मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।
चिकित्सकों की कमी का मामला उठा
प्रशासन द्वारा गुरुवार को नैनवां पंचायत समिति में आयोजित जन सुनवाई में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने नैनवां उपजिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, प्रतिनियुक्ति पर लगा रखे नर्सिंग स्टाफ का मामला उठाया। अन्य स्थानों पर कर रखी प्रतिनियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की गई। पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रमोद जैन, पूर्व पार्षद ओमप्रकाश गुर्जर, दीपक चोपड़ा ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, अध्यक्ष विधानसभा प्राक्कलन समिति, चिकित्सा मंत्री, प्रमुख शासन सचिव व जिला कलक्टर के नाम के अलग-अलग ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी को दिए। ज्ञापनों के साथ राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबरों की कतरने भी भेजी है। ज्ञापन में लिखा कि उपजिला अस्पताल में 28 चिकित्सकों के स्वीकृत पद हैं, जिनमें विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 3 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसी तरह नर्सिंग स्टाफ की भी स्थिति ङ्क्षचताजनक है। मेल नर्स, फीमेल नर्स और नर्सिंग ऑफिसर सहित करीब 11 कर्मचारियों को जिले व संभाग स्तर पर प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है।