बूंदी

Bundi : अरमानों पर फिरा पानी, मंडी में 5 हजार बोरी उपज बरसात से भीगी

कुंवारती कृषि उपज मंडी में सोमवार दोपहर अचानक हुई बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।

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Mar 31, 2026
रामगंजबालाजी. मंडी कमेटी द्वारा 3 हजार रुपए जमा करके दिए गए फटे तिरपाल को दिखाता किसान। पत्रिका

रामगंजबालाजी. कुंवारती कृषि उपज मंडी में सोमवार दोपहर अचानक हुई बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गेहूं बेचने की उम्मीद में मंडी पहुंचे किसानों की करीब 5 हजार बोरी उपज भीग गई, जिससे उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। जानकारी के अनुसार किसान खेतों से फसल काटकर सीधे मंडी प्लेटफॉर्म पर उपज के ढेर लगाकर बिक्री के लिए लाए थे। लेकिन सोमवार को महावीर जयंती के अवकाश के चलते नीलामी नहीं हो सकी। इसी बीच मौसम ने करवट ली और तेज बरसात शुरू हो गई, जिससे खुले में रखे गेहूं के ढेर पूरी तरह भीग गए। अपनी मेहनत को यूं बर्बाद होते देख कई किसानों की आंखें नम हो गई।

पैसे देने के बाद भी नहीं मिले तिरपाल
बरसात शुरू होते ही मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। किसान अपनी उपज को बचाने के लिए तिरपाल लेने मंडी समिति पहुंचे। आरोप है कि आढ़तियों की लिखावट के बाद किसानों से 3 हजार रुपए जमा करवाए गए, लेकिन बदले में फटे-पुराने तिरपाल दिए गए, जो बारिश से बचाव में नाकाफी साबित हुए। रामनगर निवासी बिगोदा, हरिपुरा के भंवरलाल, खड़ी बारा के प्रहलाद मीणा व सियाराम मीणा, गोठड़ा के हेमराज मीणा व मोरपाल, तथा पूर्व पंचायत समिति केशोरायपाटन के जितेंद्र गौतम, अनुज गौतम, दिनेश गौतम व सतीश गौतम सहित कई किसानों ने बताया कि पैसे जमा कराने के बावजूद सभी को तिरपाल नहीं मिले।

कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा, जबकि जिन्हें तिरपाल दिए गए, वे इतने जर्जर थे कि उपज को बचा नहीं सके। बरसात थमने के बाद मंडी में भीगे गेहूं के ढेर किसानों की बेबसी और व्यवस्था की खामियों की कहानी बयां करते नजर आए। बरसात थमने के बाद मंडी में भीगे गेहूं के ढेर किसानों की बेबसी और व्यवस्था की खामियों की कहानी बयां करते नजर आए।
देई. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बूंदाबांदी के साथ हलकी बरसात हुई। खेतों में गेहूं सरसों चना की फसल कटकर पड़ी हुई है। जिससे किसानो की ङ्क्षचता बढ गई। आसमान काले बादल छाये रहे।

मंडी में बारदान की किल्लत, थमी गेहूं खरीद
लाखेरी.
कृषि उपज मंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारदाना की भारी कमी के चलते सोमवार को तुलाई पूरी तरह ठप रही, वहीं अचानक हुई बारिश ने मंडी में खुले में पड़ी किसानों की फसल को
भिगो दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सुरेंद्र चौधरी मंडी पहुंचे और मौके पर हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्था सुधारने और खरीद प्रक्रिया जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए।

बार-बार लौट रहे किसान, बढ़ रहा खर्च
किसान प्रवीण गुर्जर, मुकेश गुर्जर और सुरेंद्र मोहन ङ्क्षसह ने बताया कि वे दो-दो बार गेहूं लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन हर बार बारदाना नहीं मिलने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे परिवहन, मजदूरी और समय—तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसानों को तो उधार लेकर ट्रॉली और मजदूरी का खर्च चुकाना पड़ रहा है।

समर्थन मूल्य खरीद केंद्र शुरू
केशवरायपाटन .
कृषि उपज मंडी में सोमवार को तिलम संघ ने गेहूं समर्थन मूल्य खरीद केंद्र का शुभारंभ किया। संघ के जीएम द्वारका लाल शर्मा, सहायक प्रबंधक रामवीर, भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों ने मंत्रोच्चारण के साथ पंडित मुकेश गौतम ने पूजन करवा कर केन्द्र का विधिवत शुभारंभ करवाया। इस अवसर पर जीएम शर्मा ने किसानों से साफ सुथरा गेहूं बेचने के लिए लाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कृषि उपज मंडी के अधिकारी एवं कर्मचारी में भी उपस्थित रहे।

खटकड़. अजेता गांव में ग्राम सेवा सहकारी समिति ने सोमवार को राजफेड के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद केंद्र शुरू किया है। समिति अध्यक्ष हरिओम गुर्जर ने बताया कि सुबह केंद्र पर किसानों, ग्रामीणों ओर समिति सदस्यों की उपस्थिति में विधि-विधान से कांटा की पूजा कर केंद्र का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिन दो किसानों का गेहूं खरीदा गया है। इस दौरान सचिव हेमराज, समिति सदस्य बाबू लाल, शिवशंकर, कल्याण, बंशीलाल, राजकुमार जैन, गिरिराज, सुखपाल मीणा आदि मौजूद थे।

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