राजस्थान लोक सेवा आयोग द्धारा आयोजित दो दिवसीय उप-निरीक्षक (एसआई) व प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा बूंदी में 22 केंद्रों में रविवार से शुरू हुई। दो पारियों में चली परीक्षा की शुरुआत सुबह की 11 बजे वाली पहली पारी से हुई। इसके लिए परीक्षा केंद्र में एक घंटे पहले ही प्रवेश दे दिया गया।
बूंदी. राजस्थान लोक सेवा आयोग द्धारा आयोजित दो दिवसीय उप-निरीक्षक (एसआई) व प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा बूंदी में 22 केंद्रों में रविवार से शुरू हुई। दो पारियों में चली परीक्षा की शुरुआत सुबह की 11 बजे वाली पहली पारी से हुई। इसके लिए परीक्षा केंद्र में एक घंटे पहले ही प्रवेश दे दिया गया। एसआई बनने की चाह में आए अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गई। त्रिस्तरीय जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
आलम यह रहा कि अभ्यर्थियों के चश्मों की भी मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद प्रवेश दिया गया। पहली पारी में 6 हजार 376 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से उपिस्थत 4 हजार 541 रहे। जबकि 1835 अभ्यर्थी अनुपिस्थत रहे।
पहली पारी का कुल प्रतिशत 71.22 रहा। दूसरी पारी में भी 6376 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 4519 उपिस्थत रहे। जबकि 1857 अनुपिस्थत रहे। कुल उपिस्थति का प्रतिशत 70.88 रहा। सुबह नौ बजे से परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के बाहर जुटने लग गए। परीक्षा से एक घंटे पहले परीक्षार्थियों को 10 बजे केंद्र में तीन स्तरीय जांच के बाद प्रवेश दिया गया। सोमवार को भी दोनों पारियों में परीक्षा होगी।
उम्मीद से पढ़े है.. अब पेपर आउट नहीं होना चाहिए
पहली पारी में सामान्य ङ्क्षहदी का पेपर हुआ। सेंटर से परीक्षा देकर लौटी छात्राओं के समूह ने बताया कि पेपर अच्छा आया। मेहनत पूरी की है। अब नतीजा परिणाम आने पर रहेगा। हालांकि छात्राओं ने एक स्वर: में यह कहा कि बस अब यही उम्मीद है पूर्व की तरह परीक्षा निरस्त नहीं होनी चाहिए। इससे मेहनत पर पानी फिर जाता है। दूसरी पारी में सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान का पेपर हुआ। परीक्षा से लौटे अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी देखी गई।
लेटलतीफी पड़ी भारी
निर्धारित समय से पूर्व (एक घंटे पहले) परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों को केेद्रों में प्रवेश देना था। कई अभ्यर्थी समय से पहुंचे, लेकिन कई केंद्रों में पांच मिनट की देरी अभ्यर्थियों पर भारी पड़ गई। ठीक 10 बजे परीक्षा केंद्रों में संचालन कर्ता ने गाइडलाइन के अनुसार समय सीमा समय समाप्त होने की घोषणा कर गेट बंद कर दिया। इसके बाद एक केंद्र में 10 बजकर 5 मिनट पर 6 अभ्यर्थी पहुंचे, उनको गाइडलाइन का हवाला देते हुए वापस लौटने के लिए कहा। वो मिन्नतें करते रहे, लेकिन उनको केंद्र में तैनात पुलिसकर्मियों व अन्यों ने समझाइश यानि निर्धारित समय से देरी का कारण बताया। वहीं एक अभ्यर्थी को हेलमेट पहने परीक्षा केंद्र में पहुंचा।
उतराएं जूते-मौजे और टी-शर्ट
परीक्षा केंद्र में जूते और फुल आस्तीन की शर्ट पहने परीक्षार्थियों की शर्ट और जूते बाहर उतरवा लिए गए। हर अभ्यर्थी की बारीकी से जांच की गई। आश्वस्त होने के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। परीक्षा को लेकर हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस जाप्ता सुरक्षा उपकरणों के साथ तैनात रहे। पहली पारी में परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक व दूसरी पारी में दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक चली। यहां तक की चैन लगी या बटन लगी हुई टी-शर्ट पर कैंची चलाई गई। कुछ अभ्यर्थी बनियान में ही परीक्षा देने पहुंचे।