जिले के पांच सौ 81 स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से करीब दस करोड़ रुपए बजट आंवटित होने का इंतजार है। जानकारी अनुसार इन स्कूलों में पोषाहार सामग्री एवं कुक कम हेल्पर का मानदेय जुलाई 2025 से बकाया चल रहा है।
बूंदी. जिले के पांच सौ 81 स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से करीब दस करोड़ रुपए बजट आंवटित होने का इंतजार है। जानकारी अनुसार इन स्कूलों में पोषाहार सामग्री एवं कुक कम हेल्पर का मानदेय जुलाई 2025 से बकाया चल रहा है। इन स्कूलों के संस्था प्रधान व पोषाहार प्रभारियों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत भी कराया, लेकिन संबंधित स्कूलों के बैंक खातों के विलय होने के बाद से अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
महंगाई के इस दौरान में अल्प मानदेय में बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराने वाली कुक कम हेल्पर नौ माह से भुगतान की आस में बैठी हुई है। दीपावली व होली समेत सभी त्योहार फीके पडऩे के बावजूद शिक्षा विभाग इनके बेहद कम मानदेय पर कुंडली मार कर बैठा है। हालांकि यहां परेशानी खातों के विलय होने से माना जा रहा है। जिसके चलते यह परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यहीं नहीं पोषाहार के भुगतान के भी यहीं हाल है।
कुल मिलाकर कुक कम हेल्पर और पोषाहार का जुलाई 2025 से अब तक नौ माह का 8 करोड़ 30 लाख 24 हजार 866 रुपए भुगतान बकाया चल रहा है। जबकि सरकार ने एक अप्रेल से नए सत्र की शुरुआत कर दी है,ऐसे में पोषाहार पकाने में आ रही समस्या से सभी विद्यालयों को जूझना पड़ रहा है। तथा सब्जी गैस राशन अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं विद्यालय के पोषाहार प्रभारी द्वारा वहन की जा रही है। ऐसे में कुक कम हेल्पर के सामने परिवार के लालन-पालन में संकट खड़ा हो गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिला स्तर पर बिल पूरे कर भुगतान के लिए भिजवा दिए गए है। जयपुर स्तर से भुगतान अटका हुआ है।
पोर्टल पर अपडेट नहीं
जिले के 587 विद्यालयों में यह योजना संचालित हो रही है। इन विद्यालय का एसएनए पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाने से इन विद्यालयों के बिल बनाने में विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शेष सभी विद्यालयों के भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
लिमिट का इंतजार
कुक कम हेल्पर और पोषाहार का भुगतान जुलाई 2025 से बकाया चल रहा है। स्थानीय स्तर पर बिल पूर्व में ही बना लिए गए थे। पोर्टल अपडेट नहीं होने से भुगतान में देरी हुई है। जिला कलक्टर से अनुमोदन करा लिया है। बस लिमिट का इंतजार है। भुगतान आते ही स्कूलों को भेज दिया जाएगा। सभी स्कूलों में नियमित रूप से कुक कम हेल्पर द्वारा पोषाहार बनाया जा रहा है।शीघ्र ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
यशंवत शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.), बूंदी