
हरफूल सिंह यादव - File PIC
राजस्थान के हाड़ौती अंचल के महत्वपूर्ण जिले बूंदी को आखिरकार अपना नया 'मुखिया' मिल गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरफूल सिंह यादव ने शनिवार को बूंदी के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पूर्व कलेक्टर अक्षय गोदारा के करौली तबादले के बाद से यह पद रिक्त था, जिसे अब यादव के अनुभव और ऊर्जा से नई गति मिलने की उम्मीद है। तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव की महत्वपूर्ण ऑब्जर्वर ड्यूटी सफलतापूर्वक पूरी करने के तुरंत बाद यादव ने बूंदी में जॉइनिंग दी, जो उनके कार्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के सर्किट हाउस पहुँचने पर पुलिस जवानों ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। इसके बाद बिना समय गंवाए उन्होंने एडीएम रामकिशोर मीणा, सीईओ रवि वर्मा और अन्य अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की।
पदभार संभालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कलेक्टर यादव ने अपना 'बूंदी विजन' साझा किया:
पिछले कुछ समय से जिले में कार्यवाहक कलेक्टर के भरोसे चल रहे प्रशासनिक कार्यों में अब तेजी आने की उम्मीद है। बूंदी की जनता को उम्मीद है कि हरफूल सिंह यादव के आने से पेयजल की समस्या, आवारा पशुओं का मुद्दा और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार जैसे संकटों का अंत होगा।
हरफूल सिंह यादव राजस्थान कैडर के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिनके पास फील्ड और सचिवालय, दोनों का लंबा अनुभव है।
प्रभावशाली सेवाएं: यादव इससे पहले कोटा, जयपुर, धौलपुर और उदयपुर जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
नवाचारों के धनी: उन्हें सरकारी योजनाओं को 'लास्ट माइल डिलीवरी' (अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना) के लिए जाना जाता है।
सख्त प्रशासक: भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और जनसुनवाई को प्रभावी बनाने में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है।
अनुभव का लाभ: बूंदी जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन प्रधान जिले के लिए यादव का अनुभव संजीवनी साबित हो सकता है, विशेषकर 'पर्यटन सिटी' के रूप में बूंदी को नई पहचान दिलाने में।
Updated on:
25 Apr 2026 04:46 pm
Published on:
25 Apr 2026 04:45 pm
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