कस्बे में संचालित पुलिस चौकी कागजों में खुली हुई है। असल में गोठड़ा पुलिस चौकी पर हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे आमजन को काफी असुविधाएं हो रही है।
गोठड़ा. कस्बे में संचालित पुलिस चौकी कागजों में खुली हुई है। असल में गोठड़ा पुलिस चौकी पर हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे आमजन को काफी असुविधाएं हो रही है।
जानकारी अनुसार करीब तीन साल पहले तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा गोठड़ा कस्बेवासियों की मांग पर पुलिस चौकी खोली गई थी। पुलिस चौकी कागजों में दबलाना थाने के तहत संचालित है। शुरू में दबलाना थाने से एक एएसआई एवं चार पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। पुलिस चौकी सात आठ माह तक खुली रही। उसके बाद से ही अधिकांश समय ताला लटका रहता है।
जिसके चलते ग्रामीणों को लड़ाई झगडे, चोरी, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने सहित अन्य कार्यों के लिए करीब दस किलोमीटर दूर दबलाना थाना जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार आसपास के क्षेत्र में घटना होने पर लोगों को दबलाना थाने में सूचना देने जाना पड़ता है, जिससे लोगों का समय खराब होता है। उन्होंने बताया कि चौकी विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान खुली रही, उसके बाद से ही अधिकांश समय ताला लटका रहता है।
बंद चौकी से बढ़ रही असुविधाएं
गोठड़ा पुलिस चौकी खुलने से आमजन को राहत मिली थी। चौकी कागजों में चलने से कस्बें सहित आसपास के गांवों में घटना, दुर्घटना होने पर दबलाना थाने से जाप्ता मौके पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों को असुविधाएं हो रही है।
वहीं रात्रिकालीन गश्त नियमित नहीं होने से चोरों में पुलिस का भय नहीं है। क्षेत्र से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 148 डी निकल रहा है। ऐसे में आए दिन सडक़ दुघर्टनाएं होती रहती है। पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से कई बार घायलों को अस्पताल ले जाने में समय अधिक लगता है। ऐसे में उनकी जान पर बन आती है। वहीं दबलाना कस्बा चौकी पर भी पर्याप्त स्टाफ नियुक्त नहीं होने से लंबे समय से चौकी बंद है।
स्कूल के भवन में चौकी
गोठड़ा कस्बे में स्थित पुलिस चौकी राजकीय प्राथमिक विद्यालय माठो का बरड़ा में मर्ज हुए स्कूल भवन में चौकी खोली गई थी,जिसका पंचायत द्वारा रंग रोगन करवाकर भवन दबलाना थाना को सौंपा गया था।
गोठड़ा पुलिस चौकी खुली हुई है। स्टाफ की कमी होने से चौकी अक्सर बंद रहती है तो जानकारी कर दबलाना थाना प्रभारी को नियमित खोलने के निर्देश दिए जाएंगे।
अजीत सिंह मेघवंशी, पुलिस उपाधीक्षक हिण्डोली।