रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक साल पहले कोटा स्थित अभेड़ा बायलॉजिकल पार्क से रीवाइल्ड करने के लिए लाए गए बाघ को आजाद करने की राह अब खुल गई है।
बूंदी. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक साल पहले कोटा स्थित अभेड़ा बायलॉजिकल पार्क से रीवाइल्ड करने के लिए लाए गए बाघ को आजाद करने की राह अब खुल गई है। एनटीसीए ने मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व में बाघिन व रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में क्लोजर में बंद बाघ के बारे में निर्देश जारी किए है।
एनटीसीए की ओर से जारी निर्देश के अनुसार मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व क्लोजर में बंद बाघिन को अब पांच हेक्टेयर से बड़े क्लोजर में रखा जाएगा, वहीं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में क्लोजर बंद बाघ के व्यवहार एवं अटेकिंग के बारे में जानकारी कर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक निर्णय करेंगे। इसके लिए आगामी दिनों में वह यहां दौरा भी करेंगे। अभी तक वन विभाग बाघ को खुले जंगल में छोडऩे से हिचकिचाहट महसूस कर रहा है।
बाघ ने शॉफ्ट एनक्लोजर में 60 से ज्यादा शिकार कर लिए है। इस समय रामगढ़ में एक मात्र बाघ आरवीटी 1 का एक छत्र राज है और वह एक युवा बाघ को मार चुका है। यहां अभी पांच बाघिन है। गौरतलब है कि इस युवा बाघ को को 4 दिसंबर 2024 को रामगढ़ के शॉफ्ट एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया था। बाघ की मॉनिटङ्क्षरग में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के प्रबंधन द्वारा की जा रही है।
विगत माह एनटीसीए की टीम ने जंगल का दौरा कर क्लोजर में बंद बाघ की जानकारी ली थी। जारी निर्देशों में वन्यजीव प्रतिपालक जंगल का दौरा कर उक्त बाघ के बारे में निर्देश लेंगे।
सुगनाराम जाट, फील्ड डायरेक्टर, मुकुन्दरा हिल्स एवं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, बूंदी