
भण्डेड़ा. क्षेत्र में सादेड़ा से समेला (संगमेश्वर) महादेव के रास्ते पर समझाइश करती टीम।
बूंदी. भण्डेड़ा. क्षेत्र में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की सीमा में बाघिन पहुंच गई है। सीमा के नजदीकी दो गांवों में टीम ने रात्रि को एवं सुबह पांच बजे भी मुनादी करवाई। गांव से वन सीमा के रास्ते पर ट्रेकिंग टीम की निगरानी की गई। वन सीमा के गांव के रास्ते पर बुधवार सुबह किसान व ग्रामीणों से मौके पर समझाइश की गई है। वन क्षेत्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
जानकारी के अनुसार बाघिन ने मंगलवार रात्रि के समय कालानला-बांसी मार्ग पर मेज नदी की पुलिया के नीचे से विचरण करते हुए रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की नई सीमा सादेड़ा प्लांटेशन से संगमेश्वर (समेला) महादेव के निकट देवनारायण की सीमा पर पहुंच गई। रात्रि के समय बाघिन ने बारंबार रुख बदलती रही है। कभी गुजरियाखेड़ा की तरफ तो कभी सादेड़ा की तरफ ट्रेकिंग टीम के सर्दी में भी पसीना छुड़ा दिएं है।
बाघिन ने पांच दिन पहले मेज नदी की पुलिया की दिशा में एक बछडे का शिकार किया गया था, जिसके बाद से बाघिन शिकार की तलाश में रही। बुधवार सुबह पांच बजे के लगभग फिर मूवमेंट बदलकर मेज नदी के किनारे वन सीमा के रास्ते से होते हुए पीपल के चौक में पहुंची, जहां पर शिकार की तलाश की गई हैं। टीम में शामिल गुढासदावृर्तियां नाका प्रभारी साबलाल मीणा, वनरक्षक रूप सिंह गुर्जर, होमगार्ड कुलदीप, ट्रेकर रघुवीर गुर्जर आदि शामिल रहे है।
बाघिन मंगलवार रात्रि के दस बजे ही अभयारण्य की नई सीमा में गुजरियाखेड़ा निमोद से समेला महादेव के रास्ते पर पहुंच चुकी थी। साथ चल रही वन विभाग की ट्रेकिंग टीम के कर्मचारियों ने तीनों तरफ से आवागमन को बंद किया व महादेव की तरफ आवाजाही वाले ग्रामीणों को भी रोकना पडा है। बुधवार सुबह पांच बजे बाघिन ने मूवमेंट की राह बदली है। ग्रामीणों के आवागमन के रास्तों से बाघिन की दूरी बनाई गई है।
बाघिन ने रात्रि के समय से ही समेला महादेव की तरफ मूवमेंट है। ट्रेकिंग टीम लगातार ट्रेकिंग कर रही है, फिलहाल शिकार का पता नहीं चल पाया है।
जितेंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, आरवीटीआर रेंज जैतपुर
Updated on:
18 Feb 2026 06:44 pm
Published on:
18 Feb 2026 06:43 pm
