यूजीसी अधिनियत को रद्द करने की मांग को लेकर सवर्ण समाज बूंदी द्वारा सभी समाजों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में आक्रोश रैली निकालकर कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया।
बूंदी. यूजीसी अधिनियम को रद्द करने की मांग को लेकर सवर्ण समाज बूंदी द्वारा सभी समाजों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में आक्रोश रैली निकालकर कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कई पदाधिकारी हाथों में बेड़ियां लगाए दिखे। सवर्ण समाज के लोग आजाद पार्क में एकत्रित हुए, जहां से हाथों में तख्तियां लिए, यूजीसी कानून रद्द करो, जातीय सौहार्द बिगाड़ना बंद करो, छात्रों के साथ अन्याय करना बंद करो के नारेबाजी करते हुए शंखनाद कर रैली को प्रारंभ किया, जो शहर के परशुराम सर्किल से कोटा रोड, इंद्रा मार्केट, अहिंसा सर्किल होते हुए कलक्ट्रेट के बाहर पहुंची, जहां नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
रैली को संबोधित करते हुए मिथलेश दाधीच व विश्वनाथ माहेश्वरी ने कहा कि यह कानून उन छात्रों के हाथों में बेड़ियां डालेगा, जो देश का भविष्य है। इस कानून को तुरंत प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए। क्षत्रिय शिक्षा प्रचारणी के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह व एडवोकेट संजय जैन ने बताया कि सामान्य वर्ग का बच्चा अब ना कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकता है ना नौकरियों में कंपीटिशन फाइट कर सकता है, ना सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकता है। इस विरोध प्रदर्शन में कॉलेज यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत छात्र छात्राएं महिलाएं युवा बुजुर्ग शामिल हुए, जिन्होंने एक स्वर में इस कानून को रद्द करने की मांग की।
21 सदस्यों ने को सौंपा ज्ञापन
विश्वनाथ माहेश्वरी, मिथलेश दाधीच, बुंदेल सिंह राठौर, महेश जिंदल, एडवोकेट संजय जैन, हर्षवर्धन भटनागर, मांगूमल टेकवानी, सुनील हाड़ौती, निरंजन जिंदल, सुखविन्द्र सिंह, रविन्द्र जैन काला, रविन्द्र वधवा, ओमप्रकाश जैन, हिम्मत सिंह गौड़, मनीष गौतम, भगवान बिड़ला, विशाल क्रांतिकारी, पीयूष शर्मा, विकास सनाढ्य, शुभम गोयल, प्रभात जैन, जीतू राजानी, पप्पिंद्र सिंह, जगदीश गुप्ता, आनन्द राज सिंह, मुकेश माधवानी, अवधेश शर्मा, राजकुमार दाधीच, अमित गौतम, शिवा ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।