राजस्थान पत्रिका की ओर से सामाजिक सरोकार के तहत चलाए जा रहे अमृतं जलम् अभियान के तहत बुधवार को तालेड़ा उपखंड के सुवासा कस्बे में तालाब की पाळ के पास हनुमान मंदिर परिसर में स्थित 400 वर्ष पुरानी प्राचीन बावड़ी की दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के द्वारा एक घंटे तक श्रमदान करके बावड़ी की साफ सफाई कर चमका दिया।
सुवासा. राजस्थान पत्रिका की ओर से सामाजिक सरोकार के तहत चलाए जा रहे अमृतं जलम् अभियान के तहत बुधवार को तालेड़ा उपखंड के सुवासा कस्बे में तालाब की पाळ के पास हनुमान मंदिर परिसर में स्थित 400 वर्ष पुरानी प्राचीन बावड़ी की दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के द्वारा एक घंटे तक श्रमदान करके बावड़ी की साफ सफाई कर चमका दिया।
बुधवार को 9 बजे दो दर्जन से अधिक ग्रामीण हनुमान मंदिर पर स्थित बावड़ी पर पहुंचे और बावड़ी की पूजा अर्चना करके सफाई में जुट गए। बावड़ी में सफाई करने के लिए कोई झाड़ू लगाने लगा तो कोई तगारी में कचरा भर कर बाहर निकलने में जुट गया। धीरे-धीरे श्रमदान करने के लिए लोगों में उत्साह बढ़ता गया। बावड़ी के चारों ओर फेले कचरे को ग्रामीण ने झाड़ू लगाकर एकत्रित किया। कुछ लोग बावड़ी की सीढ़ियों में नीचे उतर गए। और जमा कचरे को तगारी में भरकर बाहर निकलने लगे कचरे से भरी तगारी एक हाथ से दूसरे हाथ होती हुई बढ़ती गई और देखते-देखते बावड़ी की सीढिय़ां चमक गई।
और पूरी बावड़ी की सफाई हो गई। इस अवसर पर पूर्व सरपंच नरेंद्र पुरी, राज कंवर पूरी, सत्यनारायण श्रृंगी, बृज किशोर सुखाडिय़ा, राम मुरारी, नवदीप पुरी, पप्पू मीणा, भगवान राठौर, प्रेम शंकर, बबलू जांगिड़, छीतर, कृष्ण कांत बैरागी सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे। 80 वर्षीय सत्यनारायण श्रृंगी ने बताया यह बावड़ी 400 वर्ष से अधिक पुरानी है। इस बावड़ी में 12 माह ही पानी भरा रहता है। गांव में कोई भी शुभ कार्य होता है तो ग्रामीण यहां के पानी का उपयोग करते हैं। शादी विवाह व कलश यात्रा में इस बावड़ी के पानी का उपयोग किया जाता है बावड़ी के अंदर भगवान की प्रतिमाएं विराजमान है।
नोताडा. कस्बे के देईखेड़ा मार्ग स्थित गुरु महाराज की बावड़ी पर बुधवार को राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्कूली छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय स्टाफ ने करीब आधे घंटे तक श्रमदान कर बावड़ी की साफ-सफाई की। अभियान के दौरान बावड़ी की सीढ़ियों पर जमा कचरा हटाया गया तथा पानी में पड़ी प्लास्टिक व अन्य अपशिष्ट सामग्री को बाहर निकालकर साफ किया गया।
लंबे समय से कचरे से अटी इस प्राचीन जल संरचना को साफ कर उसे पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर ग्रामीणों ने प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में प्रशासक रामदेव पहाड़िया, भाजपा नेता रामसिंह चौधरी, वितरण समिति अध्यक्ष रामगोपाल चौधरी, समाजसेवी कमलेश मीणा, प्रमोद मीणा, धनराज मीणा, धनराज गुर्जर, शारीरिक शिक्षक भाग्यश्री सामरिया, अध्यापक धर्मराज, अदिति सहित अन्य ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।