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Bundi News: डेली डिपॉजिट स्कीम में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी, ऑफिस बंद करके फरार, 1000+ लोग फंसे

Crime News: लोग उनकी बातों पर विश्वास करते हुए अपनी मेहनत की कमाई उक्त योजना में निवेश कर दी, लेकिन लगभग 3 माह पूर्व कंपनी अचानक बंद हो गई और लोगों द्वारा जमा करवाई गई राशि भी नहीं दी।

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Fraud Case

फोटो: पत्रिका

Fraud In Daily Deposit Scheme: बूंदी शहर में एक कंसलटेंसी कंपनी की ओर से डेली डिपॉजिट स्कीम के तहत करोड़ोंं रुपए जमा कर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीडि़त लोगों ने धोखाधड़ी कर जमा की गई राशि की जानकारी देते हुए कोतवाली में प्राथमिकी सौंपी है।

जानकारी अनुसार शहर में एक कंसलटेंसी कम्पनी द्वारा डीडीएस (डेली डिपॉजिट स्कीम) अकाउंट पासबुक के माध्यम से प्रतिदिन धनराशि जमा करवाने के लिए प्रेरित किया तथा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आश्वासन दिया गया। साथ ही यह विश्वास दिलाया गया कि योजना की अवधि (मैच्योरिटी) पूर्ण होने पर जमा की गई संपूर्ण राशि ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी।

लोग उनकी बातों पर विश्वास करते हुए अपनी मेहनत की कमाई उक्त योजना में निवेश कर दी, लेकिन लगभग 3 माह पूर्व कंपनी अचानक बंद हो गई और लोगों द्वारा जमा करवाई गई राशि भी नहीं दी। वर्तमान में उनका कार्यालय बंद है, मोबाइल नंबर बंद/स्विच ऑफ है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उक्त कंपनी आरबीआई अथवा किसी भी अधिकृत वित्तीय संस्था से मान्यता प्राप्त नहीं थी, फिर भी इन्होंने झूठी जानकारी देकर भ्रमित किया और हमारे साथ धोखाधड़ी की।

एक हजार से अधिक खाते थे

डेली डिपॉजिट स्कीम में शहर के दुकानदार, मजदूरों एवं जीप चालकों के करीब एक हजार 70 खाते खुले हुए थे, जिनसे प्रतिदिन राशि एजेन्ट द्वारा एकत्र की जाती थी, जो पचास से पांच सौ रुपए तक थी। स्कीम के तहत 12 माह तक राशि एकत्र की गई। मैच्योरिटी होने पर सभी अप्रेल माह में राशि दी जानी थी, लेकिन इससे पहले ही संचालक ताला लगा कर रवाना हो गए।
ऑफिस के लगाया ताला

कंपनी का बूंदी शहर में लंकागेट पर कार्यालय था, जहां पर कम्पनी के तीन कर्मचारी बैठते थे। कार्यालय किराए पर ले रखा था। इसमें दो जने कार्यालय में बैठते थे एवं एक जना डिपॉजिट राशि एकत्र करने का कार्य करता था। भवन मालिक से सम्पर्क साधा तो उन्हें पता चला कम्पनी वाले कार्यालय खाली कर फर्नीचर व कम्प्यूटर सेट आदि ले गए है।

लोगों द्वारा धोखाधड़ी होने का मामला सामने आया है। सभी पीडि़त रोज कमाने खाने वाले है। कोतवाली में परिवार अनुंसधान के लिए के भेजा गया है।
अवनीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक, बूंदी