6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bundi : बारिश से मंडी में भीगे गेहूं के ढेर, बीस क्विंटल में हुआ खराबा

शहर सहित क्षेत्र में सोमवार देर शाम को मौसम बदलने और देर शाम को हुई बारिश से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय कृषि उपज मंडी में एफसीआई द्वारा संचालित समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर किसान गेहूं लेकर पहुंचे। परिसर में जगह देख कर किसानों ने ढेर कर दिए और तिरपाल आदि से ढक दिए, लेकिन देर रात को हुई तेज बारिश से ढकने के बाद भी गेहूं के ढेर पानी में भीग गए।

2 min read
Google source verification
Bundi : बारिश से मंडी में भीगे गेहूं के ढेर, बीस क्विंटल में हुआ खराबा

कापरेन. बारिश होने के बाद मंडी में गेहूं के ढेरों में भरा बरसाती पानी व सुखाने में जुटे किसान।

कापरेन. शहर सहित क्षेत्र में सोमवार देर शाम को मौसम बदलने और देर शाम को हुई बारिश से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय कृषि उपज मंडी में एफसीआई द्वारा संचालित समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर किसान गेहूं लेकर पहुंचे। परिसर में जगह देख कर किसानों ने ढेर कर दिए और तिरपाल आदि से ढक दिए, लेकिन देर रात को हुई तेज बारिश से ढकने के बाद भी गेहूं के ढेर पानी में भीग गए। किसानों कहना है कि मंडी में खुले पड़े गेहूं के ढेरों को किसानों ने पाल, तिरपाल आदि से ढककर बचाने का उपाय कर दिया।

ढेरो के नीचे से पानी बह कर निकल गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे किसान ईश्वर गुर्जर, मोहन लाल, कन्हैया लाल आदि ने बताया कि खरीद केंद्र पर समय पर तुलाई नहीं होने से चार से पांच दिनों पहले ढेर कर पड़े हुए है। तुलाई नहीं होने से रोजाना रखवाली करनी पड़ रही है। वहीं मौमस खराब होने से ढेरों में बरसाती पानी घुसने से ढेरों के नीचे प्रत्येक ढेर में एक क्विंटल गेहूं तक भीग चुके हैं। बारिश रुकने और धूप निकलने पर सुखाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बारिश होने से मंडी में करीब एक सौ ढेरों में सोलह से बीस क्विंटल गेहूं भीग गया है। नीची जगह पर पानी भरा रहने से गेहूं खराब हो चुका है, जिससे किसानों को नुकसान पहुंचा है।


जिस दिन पहुंचे, उसी दिन हो तुलाई
किसानों का कहना है कि किसान जिस दिन अपनी उपज लेकर पहुंचे, उसी दिन खरीद होनी चाहिए। तुलाई के अभाव में मौमस खराब होने पर मंडी में ढेरों को ढकने के लिए तिरपाल भी नहीं मिलते हैं। निजी स्तर पर मुंह मांगे दाम चुका कर तिरपाल खरीदने पड़ते हैं। ढकने के बावजूद नीचे से पानी भरने से गेहूं खराब हो जाते हैं। किसानों ने गेंहू की खरीद और तुलाई मंडी में पहुंचने के दिन ही करवाने की व्यवस्था की मांग की है।

समझाइश के बाद भी कर रहे ढेर
एफसीआई के खरीद केंद्र प्रभारी राज कमल मीणा ने बताया कि खरीद केंद्र पर पांच दिन पुराने कोई ढेर नहीं है। मंडी में पड़े ढेरों में से शनिवार को आधे ढेरो की तुलाई हो चुकी है। वहीं शेष ढेरों की खरीद सोमवार को हुई है। मंडी में उठाव के बाद जगह खाली होने पर किसान बिना बताए ढेर कर देते हैं। मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए सोमवार को किसानों को ढेर नहीं करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद कई किसानों ने जो किराए पर ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर आए थे। उन्होंने किराए की समस्या को देखते हुए ढेर खाली कर दिए। बारिश होने से ढलान वाली जगहों पर गेहूं के ढेरों में पानी भर जाने से खराबा हुआ है, लेकिन नुकसान बहुत कम है। दूसरे दिन दोपहर तक तुलाई कार्य रोक कर गेहूं के ढेरों को सुखाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गेहूं में नमी कम हो सके। दोपहर बाद तुलाई करवाई गई है।

खराब मौसम में नहीं लाए उपज
एफसीआई खरीद केंद्र प्रभारी ने बताया कि मौसम खराब होने की आशंका देखते हुए किसानों को मैसेज नहीं भेजे गए हैं, जो ढेर पड़े हैं उनकी तुलाई करवाई जा रही है। खरीद केंद्र प्रभारी ने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि मौसम खराब होने पर उपज नहीं लाए। निर्धारित अवधि निकल जाने के बाद भी खरीद की जाएगी।