गोवंश तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार करने व पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सोमवार को थाने पर प्रदर्शन किया।
नैनवां. गोवंश तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार करने व पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सोमवार को थाने पर प्रदर्शन किया।पुलिस उपाधीक्षक राजूलाल मीणा व थानाधिकारी सहदेवसिंह मीणा ने थाने के बाहर आकर स्थिति सम्भाली। दस दिन में गोवंश तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार करने व जांच कर मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।
प्रदर्शन से पूर्व विहिप व बजरंगदल कार्यकर्ता शहर के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। बैठक करने के बाद कार्यकर्ता रैली के साथ पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए थाने पर पहुंचे। कार्यकर्ता थाने में घुसने लगे तो पुलिस जाप्ते ने रोका। पांच मिनट तक गेट पर आमने-सामने हो जाने से धक्का-मुक्की की स्थिति हो गई। बाद में कार्यकर्ता गेट पर धरना देकर बैठ गए।
धरने पर बैठकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया। मामला बिगड़ते देख पुलिस उप अधीक्षक राजू लाल मीणा मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए गए पुलिस उपाधीक्षक द्वारा समस्त घटना में 10 दिन के अंदर कार्रवाई कर समस्त आरोपियों के गिरफ्तारी वह दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। बजरंग दल के विभाग सहसंयोजक लक्की चोपड़ा और जिला मंत्री संजय नागर ने कहा कि यदि अगर 10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो दस दिन बाद वापस नैनवां बंद कर थाने पर प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में बजरंग दल के जिला मिलन केंद्र प्रमुख बृजेश राठौर, विहिप के प्रखंड मंत्री पवन गौतम, सह मंत्री जगदीश बंजारा, प्रखंड के संयोजक धनराज सैनी, सहसंयोजक पारस जांगिड़, सीताराम गुर्जर, सह गोरक्षा प्रमुख विक्रम गुर्जर, नगर सह गौ रक्षा प्रमुख हेमंत सैन, व्यायाम शाला प्रमुख सोनू जांगिड़, देई प्रखंड के संयोजक पुनीत शर्मा, हरिश सिंह सोलंकी, कृष्णकुमार शर्मा, मुकुल साहू, विपुल सेन, अंकित मारवाडा, प्रांजल जैन, दीपक सैनी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक के नाम दिया ज्ञापन दिया
पुलिस अधीक्षक के नाम पुलिस उपाधीक्षक को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि 14 जनवरी को ग्राम बाछोला गांव के पास गो तस्करी प्रकरण में अब तक केवल दो आरोपी की ही गिरफ्तारी हुई है। सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो, मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रहना उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। वारदात के 18 दिन बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
सात आरोपियों की पहचान
पुलिस उपाधीक्षक राजूलाल मीणा व थानाधिकारी सहदेव मीणा ने बताया कि मामले में सात आरोपियों की पहचान कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें भेजी हुई है। शेष आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।