प्रदेश में बढ़ती दुर्घटना को रोकने के लिए अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) मद्गार बनेगा। परिवहन विभाग ने स्टेट और नेशनल हाइवे पर हाई-रिस्क जोन में हाई-टेक कैमरे लगाने काम शुरू कर दिया है।
बूंदी. प्रदेश में बढ़ती दुर्घटना को रोकने के लिए अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) मद्गार बनेगा। परिवहन विभाग ने स्टेट और नेशनल हाइवे पर हाई-रिस्क जोन में हाई-टेक कैमरे लगाने काम शुरू कर दिया है। ताकि ओवर-स्पीडिंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर नजर रखी जा सके और दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
विभाग ने प्रदेश में पांच लाख से अधिक आबादी वाले अलग-अलग जिलों में 200 के करीब जगहों को चिह्नित कर कैमरे लगाने के लिए जिलेवार सूची भेजी है। ऐसे में विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। पुलिस, पीडब्ल्यूडी, परिवहन अधिकारियों ने स्टेट हाइवे पर हादसे रोकने की पहल है। बूंदी में दो जगहों स्टेट हाइवे-29 नैनवां रोड पर ई-डीएआर पोर्टल के माध्यम से चिन्हित ब्लैक स्पॉटस की संयुक्त जांच की गई।
इस दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पांच विभाग मिलकर इस कार्य को अंजाम देंगे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के सीधा ई-चालान भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यातायात व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम है।
उच्च तकनीक से लैस होंगे कैमरे
आईटीएमएस कैमरे उच्च तकनीक से लैस होंगे। ये कैमरे सड़क से गुजरने वाले हर वाहन की स्पीड व नंबर प्लेट रीड करेंगे, जिसमें तेज रफ्तार, गलत दिशा, गलत लेन सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के ऑटोमेटिक चालान हो जाएगा। वहीं, चोरी हुए वाहन के नंबर की कंट्रोल रूम में अपडेट करने पर अगर वाहन कैमरे के सामने से गुजरा है तो इसकी लोकेशन सर्च हो जाएगी।
हाड़ौती में 19 जगहों पर लगेंगे कैमरे
बढ़ते सड़क हादसों और वाहन चालकों की लापरवाही, खासकर ओवर स्पीडिंग पर लगाम कसने के लिए परिवहन विभाग ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में चिन्हित जगहों पर कैमरे लगाएं जाएगे। बूंदी में नैनवां रोड पर दो प्वाइंट चिन्हित किए, जिसमें बड़ा रामद्वारा गोशाला के पास व गेट नंबर 5 के पास जगह शामिल है। हाड़ौती में 19 जगहों पर कैमरे लगाएं जाएंगे।
अधिकारियों ने देखी जगह
यह योजना न केवल शहर में यातायात नियंत्रण को मजबूत करेगी, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। संयुक्त निरीक्षण टीम में परिवहन निरीक्षक धर्मपाल गुर्जर, रोल आउट मैनेजर एनआईसी कार्तिकेय शर्मा, सदर थानाधिकारी भंवर सिंह, परियोजना अधिकारी आरएसआरडीसी यूनिट कोटा सुरेंद्र सिंह गुर्जर शामिल रहे। टीम ने मौके पर सड़क, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और दृश्यता संबंधी खामियों का अध्ययन कर सुधार प्रस्ताव तैयार किए। जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा ने बताया कि ई-डीएआर पोर्टल के जरिए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर आईटीएमएस कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे वाहन गति पर नियंत्रण होगा और सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकेगी।
यह है उद्देश्य
< सड़क सुरक्षा बढ़ाना
< यातायात नियमों का उल्लंघन रोकना
< वाहन चालकों की लापरवाही पर लगाम कसना।
< सिस्टम से कैमरे वाहन चालकों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
बूंदी जिले में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगने जा रहा है। जिसमें लगे कैमरे के जरिए फोटो और स्पीड मेजरमेंट डिवाइसेज से ई चालान जनरेटर होंगे, जिससे बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने वाले और ओवर स्पीड व लेन ड्राइव फॉलो नहीं करने वालों के चालान बनेंगे।
धर्मपाल गुर्जर, परिवहन निरीक्षक, बूंदी