
घाट का बराणा अस्पताल में बिना पर्ची के रजिस्टर में पंजीयन कर दवा वितरित करते कर्मचारी।
लबान. क्षेत्र के घाट का बराणा राजकीय अस्पताल बिना चिकित्सक के ही संचालित हो रहा है और यहां आने वाले मरीज
नर्सिंग व फार्मासिस्ट के भरोसे है। चिकित्सक के अभाव में मरीजों को दवाई व जांच आदि चिकित्सीय उपचार भी नहीं लिखा जा रहा है। फार्मासिस्ट व नर्सिंग कर्मी देईखेड़ा या कापरेन से चिकित्सक से लिखे परामर्श पर उपचार कर दवाई वितरित कर पा रहे है।
मरीजों को देईखेड़ा भेज रहे
अस्पताल में चिकित्सक के अभाव में यहां नियुक्त नर्सिंग कर्मी मरीजों को देईखेड़ा अस्पताल से रोगी परामर्श लिखवा कर लाने का सुझाव देते है और बाद में यहां रजिस्टर पंजीयन कर दवाई वितरित कर आवश्यक उपचार करते है, जिससे मरीजों परेशान होना पड़ रहा है। यहां नियुक्त चिकित्सक अंजू वर्मा का पीजी के लिए चयन होने से अब यहां चिकित्सक का पद रिक्त है।भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सरपंच संदीप जैन ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्त के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन सौंप कर मांग की ओर अस्पताल की व्यवस्था से अवगत करवा है।
करोड़ों की लागत से नया बना है भवन
यहां पर पूर्व के भवन के जीर्णशीर्ण होने से करोड़ो रुपए की लागत से यहां भवन का निर्माण हुआ है, जिसमे प्रसूति कक्ष जांच केंद्र लैब आदि सुविधा तो है, लेकिन चिकित्सक के अभाव में अनपुयोगी साबित हो रहे है।
चिकित्सक का पीजी चयन हो गया है। उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा दिया है। सप्ताह भर में यंहा चिकित्सक की नियुक्त कर दी जाएगी।
जितेंद्र सेंगर, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, घाट का बराणा
Published on:
01 Mar 2026 07:03 pm
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