बूंदी

छोटीकाशी में गूंजा सतनाम-सतनाम वाहे गुरु

हैरतअंगेज करतब दिखाते चलते अखाड़ेबाज, गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के आगे चलते पंजप्यारे।

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Nov 24, 2018
छोटीकाशी में गूंजा सतनाम-सतनाम वाहे गुरु

हैरतअंगेज करतब ने किया रोमांचित
बूंदी. हैरतअंगेज करतब दिखाते चलते अखाड़ेबाज, गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के आगे चलते पंजप्यारे। सड़कों पर सफाई करते हुए चलती सेवादार महिलाएं। मौका था गुरुनानक देवजी के प्रकाश उत्सव का। शुक्रवार शाम को गाजे-बाजे के साथ शहर में नगर कीर्तन निकाला गया। बालचंदपाड़ा गुरुद्वारा से शुरू हुआ नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बायपास रोड स्थित गुरुद्वारा लंगर साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुआ।
कीर्तन में सतनाम-सतनाम वाहे गुरु...सरीखे भजनों पर युवा नाचते हुए चल रहे थे। आसमां में रंग-बिरंगी आतिशी नजारों को हर कोई निहार रहा था। गुरुग्रंथ साहिब की पालकी को हर कोई मात्था टेककर मन्नतें मांग रहा था। पग-पग पर कीर्तन का पुष्पवर्षा व शीतल पेयजल पिलाकर स्वागत किया गया।
अखाड़ों से हर कोई दिखा अचंभित
कीर्तन में युवाओं के हैरतअंगेज करतबों ने हर किसी को अचंभित कर दिया। फरीदाबाद की गतका पार्टी के अखाड़ेबाजों ने चक्र घुमाना, तलवारबाजी, सीने के ऊपर से गाड़ी निकालना आदि का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। महिला-पुरुषों के अलग-अलग कीर्तन चल रहे थे। इस दौरान प्रधान कश्मीर सिंह, उप प्रधान तरसेम सिंह, महासचिव बलदेव सिंह, ज्ञान सिंह राताबरड़ा, संतोष सिंह, अमरीक सिंह, गुरदयाल सिंह आदि
मौजूद थे।
सजाया दीवान, संगत हुई निहाल
इससे पूर्व बायपास रोड स्थित गुरुद्वारा लंगर साहिब में शुक्रवार को अखंड पाठ की समाप्ति हुई। इसके बाद दीवान सजाया गया। जिसमें रागी जत्था भाई कुलदीप सिंह, मनजीत सिंह व अमतृसर से आए रागी जत्था हरमीत सिंह खालसा ने शबद कीर्तन कर सभी संगतों को निहाल किया। जालंधर से आए जत्था भाई तरसेन सिंह ने गुरु का इतिहास सुनाया। अमृतसर से आए कथावाचक बहादुर सिंह ने गुरुमत पर विचार व्यक्त किए। संचालन कृपाल सिंह छाबड़ा ने किया।

Published on:
24 Nov 2018 01:17 pm
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