बूंदी

‘छोटीकाशी’ बूंदी ने ली राहत की सांस

‘छोटीकाशी’ बूंदी ने गुरुवार को चौथे दिन उस वक्त राहत की सांस ली जब सभी पक्ष शुक्रवार को बाजार खोलने को राजी हो गए।

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Jan 05, 2018
maatha bala ji par charcha

बूंदी. ‘छोटीकाशी’ बूंदी ने गुरुवार को चौथे दिन उस वक्त राहत की सांस ली जब सभी पक्ष शुक्रवार को बाजार खोलने को राजी हो गए। शाम सात बजे मानधाता छतरी पर पूजन कार्यक्रम की मांग पूरी होने के बाद अब शुक्रवार से बाजार खुलने की राह खुली। जन-जीवन फिर से पटरी पर लौट सकेगा। शहर की सडक़ों पर जमा सैकड़ों लोग उस वक्त घरों की ओर लौट गए जब आयोजन से जुड़े बाबा लखनदास ने मांग पूरी हो जाने की घोषणा की।

इससे पहले गुरुवार को भी बाजार बंद होने से जन-जीवन प्रभावित रहा। लोगों को जरूरत की चीजें भी नहीं मिली। सडक़ों पर दिनभर सन्नाटा रहा। चार दिन से लगातार बाजार बंद रहने और पांचवें दिन भी इंटरनेट सेवा बहाल नहीं होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो गया। गुरुवार को सुबह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समझाइश के लिए भी पहुंचे, लेकिन दुकानदारों ने आयोजन की मांग माने जाने के बाद ही कोई निर्णय की बात कही। शाम को फिर से सडक़ों पर सैलाब उमड़ पड़ा। जब मांग पूरी हुई तब ही फिर से बाजार खोलने की सभी ने सहमति दी।

बातचीत से निकला हल
केबिनेट मंत्री बाबूलाल वर्मा, विधायक अशोक डोगरा, सभापति महावीर मोदी, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा, सुनील हाड़ौती, लाखन सिंह नायक, महेश जिंदल की शहर काजी अब्दुल शकूर कादरी की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में शहर में शांति कायम करने को लेकर चर्चा की गई। तब वन विभाग के अधिकारियों से पूजन कार्यक्रम कराने पर सहमति बनी। सभी ने सामग्री वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दी। इसकी घोषणा केबिनेट मंत्री वर्मा एवं विधायक डोगरा ने की।
उच्च स्तरीय कमेटी गठित
मामले की पूरी जांच और निस्तारण के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित होगी। केबिनेट मंत्री वर्मा ने बताया कि कमेेटी पूरे मामले की जांच करेगी। तब तक छतरी पर सम्पूर्ण कार्यक्रम वन विभाग के अधीन रहेंगे। इसके लिए छतरी और टाइगर हिल पर वन एवं पुलिस के अधिकारी पूरी निगरानी रखेंगे।

दवा की दुकानें भी बंद
शहरभर में दवा एसोसिएशन ने भी व्यापारियों का समर्थन किया। गुरुवार सुबह से ही दवा की तमाम दुकानें बंद रही। बाजार में एक भी दवा की दुकान नहीं खुलने से रोगियों को दवा के लिए भी परेशान होना पड़ा।

थड़ी ठेले वालों पर आर्थिक मार
शहर के मुख्य बाजारों में लगभग सौ से अधिक थड़ी व ठेले लगते हैं। इनमें खाद्य सामग्री, मणिहारी, चाट पकौड़ी, मोची, फलों के ठेले, गजक सहित बड़ी संख्या में थडिय़ां व ठेले शामिल हैं। इनके माध्यम से आमजन को भी जरूरत का सामान उपलब्ध हो जाता है। जरूरतमंद लोगों के परिवार का पेट पालन भी हो रहा है, लेकिन बीते चार दिन से बाजार बंद होने से थड़ी व ठेले वालों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। उनके परिवार को खाद्य सामग्री के लिए मोहताज होने की नौबत आ गई। रोजगार ठप होने से बड़ी संख्या में गरीब लोग परेशान हैं।

गश्त करती रही पुलिस
शहर के कोटा रोड, सब्जी मण्डी रोड, सदर बाजार, सूर्यमल्ल मिश्रण चौराहा, मीरागेट, लंकागेट, कोटा रोड सहित शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। पुलिस अधिकारी मय जाप्ते के शहरभर में गश्त करते रहे। पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल, पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु पूरी निगरानी रखते रहे। पुलिस ने शहर में भीड़ नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बेरिकेड्स भी लगवाए।

Published on:
05 Jan 2018 03:20 pm
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