बूंदी

भावों ने तोड़ी कमर, मवेशियों को खिलाने पड़ रहे टमाटर

किसी समय 80 रुपए किलो बिकने वाले टमाटर ने इस बार किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है।

2 min read
May 13, 2018
Damage to the broken waist, tomatoes feeding the cattle

बड़ानयागांव. किसी समय 80 रुपए किलो बिकने वाले टमाटर ने इस बार किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। किसानों ने इस बार क्षेत्र में बड़ी उम्मीद से 700 हैक्टेयर जमीन पर टमाटर की फसल लगाई थी, लेकिन टमाटर के भाव ने इस बार किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इस समय सब्जी मंडियों में टमाटर के थोक भाव 2 से 3 रुपए प्रति किलो लगने से किसानों का खर्चा भी नहीं निकल पा रहा है।
किसानों ने बताया कि मार्च की शुरुआत में टमाटर फ सल की पौध तैयार कर खेतों में लगाई थी। अब पैदावार शुरू हो गई है, लेकिन मंडियों में टमाटर 2 से 3 रुपए प्रति किलो बिकने से सब्जी मंडियों तक ले जाने की लागत में नहीं निकल पा रही है। ऐसे में टमाटर की फसल करना किसानों के लिए सिर दर्द साबित हो रही है। अब खेतों में ही टमाटर सडक़र खराब होने लगे हैं। कई किसान अपने मवेशियों को खिला रहे हैं। किसानों ने बताया कि टमाटर की फसल में एक बीघा में 20 से 25 हजार का खर्चा होता है। ऐसे में भाव कम रहने से लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसानों का कहना था कि बाजार में जाकर फसल बेचने में उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। टमाटर को लादकर शहर में ले जाने में खर्चा अधिक आ रहा है। इसी यही भाव चलता रहा तो किसानों को इस फसल के प्रति मोह भंग हो जाएगा। इस बार बड़ानयागांव, खातीखेड़ा, जड़ का नयागांव, कुंडला, दाता, सथूर, हरिपुरा, बड़ोदिया, मांगलीकला, मांगलीखुर्द, बोरखेड़ा, टहला, चैता, अशोकनगर, बिछड़ी, चतरगंज, कल्याणपुरा, रामी की झोपडिय़ां, गुढ़ा बांध, काला भाटा, रघुनाथपुरा, बहादुरपुरा टमाटर की फसल की है।
इस समय राजस्थान सहित मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में टमाटर की भारी मात्रा में पैदावार हो रही है। देश की मंडियों में मांग से ज्यादा टमाटर की आवक हो रही है। इसके चलते किसानों को इस समय टमाटर के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं।
शंकरलाल सैनी, व्यापारी, मटर मंडी बड़ानयागांव

Published on:
13 May 2018 12:53 pm