चतरगंज में जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते करीब एक माह से पेयजल लाइन में रिसाव हो रहा है।
बड़ानयागांव. चतरगंज में जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते करीब एक माह से पेयजल लाइन में रिसाव हो रहा है। जिससे लगातार पानी की बर्बादी हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से लाइन को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अशोकनगर के निकट मेज नदी से हिंडोली में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन जा रही है। जो चतरगंज में सडक़ किनारे करीब एक माह से क्षतिग्रस्त होने से काफी सारा पानी बर्बाद हो रहा है। जबकि हिण्डोली क्षेत्र के लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान हैं। पाइप लाइन से बहकर पानी सडक़ पर जमा हो रहा है। जिससे वाहन चालक परेशानी महसूस कर रहे हैं। उधर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार राठौर ने बताया कि चतरगंज में पेयजल योजना की पाइप लाइन टूटने की जानकारी मिली है। लाइन को शीघ्र ही ठीक करवा दिया जाएगा।
पानी के लिए कलक्ट्रेट के गेट पर फोड़ी मटकियां
बूंदी. शहर के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के आस-पास की बस्ती में जल संकट दूर नहीं हो रहा। यहां बस्ती के लोगों को पीने का पानी भी मुहैया नहीं हो रहा। वह इस मांग को लेकर बीते दिनों बूंदी-डाइट मार्ग पर जाम भी लगा चुके। सुनवाई नहीं हुई तो गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर मटकियां फोड़ी। सुबह बड़ी संख्या में ढंड के आस-पास की बस्ती के लोग हायर सैकण्डरी स्कूल मैदान में एकत्र हुए। जहां से जुलूस के रूप में जिला कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां बस्ती के लोगों ने बताया कि 5 अगस्त को भी वह अपनी पीड़ा लेकर आए थे, तब उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी पानी की व्यवस्था नहीं गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जिला कलक्ट्रेट के मुख्य दरवाजे पर नारेबाजी कर मटकियां फोड़ी। बाद में ज्ञापन सौंपा। शिवसेना हिन्दुस्तान जिला प्रभारी रामदयाल मीना ने बताया कि पहले भी पानी की समस्या को लेकर ज्ञापन दिया जा चुका, लेकिन अधिकारी हैं जो कोई सुनवाई ही नहीं कर रहे। हाल यह हैं कि महिलाओं को पीने का पानी भी दो किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। जिससे लोग मजदूरी पर भी नहीं जा पा रहे। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे।