बारिश तो हर साल आती है और कई बार तेज बारिश का भी शहरवासियों ने सामना किया है, लेकिन इस बार ऐसा पहली बार हुआ कि शहर की सडक़ें दरिया बन गई। इतनी तेजी से पानी की आवक हुई कि लोग मकानों के सामान नहीं समेट पाए और सुरक्षित बाहर निकलने को मजबूर हुए।
कापरेन. बारिश तो हर साल आती है और कई बार तेज बारिश का भी शहरवासियों ने सामना किया है, लेकिन इस बार ऐसा पहली बार हुआ कि शहर की सडक़ें दरिया बन गई। इतनी तेजी से पानी की आवक हुई कि लोग मकानों के सामान नहीं समेट पाए और सुरक्षित बाहर निकलने को मजबूर हुए। मुख्य बाजार में बरसाती पानी की आवक हुई और दुकानदारों को लाखो का नुकसान उठाना पड़ा। वही घरो में लोगो के बिस्तर, गेंहू आटा आदि तक सुरक्षित नहीं रहे।प्रशासन इसको लेकर जांच में जुटा हुआ है।
खुदरा किराना किराना व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश सोगानी ने बताया कि बारिश के दौरान डेढ़ सौ से अधिक दुकानों में पानी भर गया। कई दुकानदारो के गोदाम में पानी भर गया और लाखों का नुकसान हो गया। संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष अशोक बाकलीवाल का कहना है कि अतिवृष्टि से करीब 20 करोड़ का नुकसान दुकानदारों को हो गया है।वही मकानों में पानी भर जाने से आमजनों को अनुमानित पांच करोड़ का नुकसान हो गया है।
पानी निकासी अवरुद्ध हुई
शहरवासियों का कहना है कि शहर में कृषि भूमि पर नई आवासीय कॉलोनिया कट गई और लोगों ने मकान बना लिए है। पहले की सीपेज ड्रेन अवरुद्ध होने और आवासीय मकान बन जाने से पानी निकासी अवरुद्ध हो गई और बरसाती पानी अवरुद्ध हो गया। ओवरफ्लो होकर सडक़ और मुख्य बाजार, निचली बस्तियों में पानी घुस गया।
अभी रिपोर्ट नहीं आई
ऋतुराज शर्मा उपखंड अधिकारी केशवरायपाटन ने बताया कि कापरेन क्षेत्र में बारिश के दौरान आबादी क्षेत्र में अधिक पानी की आवक हुई है। पहले हुई बारिश से मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता पूरी हो गई थी और लगातार मूसलाधार बारिश से पानी ओवरफ्लो होकर शहर तक पहुंचा। पिछले दिनों अतिवृष्टि के दौरान कापरेन में 500 एमएम बारिश हुई। शहर में पानी की अधिक आवक को लेकर जांच कमेटी बनाई हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा।