क्षेत्र की खजूरी ग्राम पंचायत क्षेत्र के किसान शनिवार को सात सूत्री मांगों को लेकर देई-करवर सड़क मार्ग पर धरना दिया।
करवर. क्षेत्र की खजूरी ग्राम पंचायत क्षेत्र के किसान शनिवार को सात सूत्री मांगों को लेकर देई-करवर सड़क मार्ग पर धरना दिया। करीब तीन घंटे बाद तहसीलदार नैनवां की समझाइश के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे किसान खजूरी में स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र के बाहर मुख्य सड़क मार्ग पर एकत्रित हुए। यहां किसान ओलावृष्टि से फसल खराबे का मुआवजे दिलाने सहित सात सूत्री मांगो को लेकर सड़क मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलें खत्म हो गई। जिसके बाद भी प्रशासन ने अभी तक किसानों की कुशलक्षेम पूछना वाजिब नहीं समझा है।
जबकि किसानों ने फसल खराबे से जिला कलक्टर ओर उपखंड अधिकारी को अवगत करा दिया है। प्रशासन द्वारा किसानों की सुध नहीं लेने को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों के प्रदर्शन की सूचना के बाद करवर थानाप्रभारी नरेश मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से समझाइश की। लेकिन किसान उपखंड के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में नायब तहसीलदार कैलाश मीणा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों से समझाइश करते हुए बताया कि किसानों की गिरदावरी का कार्य किया जा रहा है। संबंधित विभाग ने फसल खराबे की अलग अलग रिपोर्ट भेजी है। लेकिन किसान उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में नैनवा तहसीलदार रामराय मीणा किसानो के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें सात सूत्री मांगो का जल्द निराकरण कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जिसके बाद दोपहर करीब एक बजे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। करीब तीन घंटे तक उक्त सड़क मार्ग का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान किसान महापंचायत के जिला सचिव साबू लाल मीणा, विधानसभा प्रभारी राजेन्द्र नागर, अशोक नागर, उपतहसील प्रभारी सत्यनारायण नागर सहित कई किसान मौजूद रहे।
यह रखी मांगे
किसानों ने ओलावृष्टि से हुए फसल खराबे की सर्वे रिपोर्ट बनाकर क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित कर वाजिब मुआवजा देने, वर्ष 2023,2024 व 2025 की बकाया फसल बीमा क्लेम राशि दिलाने, आदान अनुदान की राशि दिलाने, किसानो का सपूर्ण ऋण माफ करने, हलका पटवारी का मुयालय पर ठहराव करने सहित खजूरी पंचायत मुख्यालय पर फसल खरीद केंद्र खोलने सहित आदि मांगे रखी।