बूंदी

Bundi : धान की बेहतर पैदावार के लिए कम्प्यूटर लेवल से तैयार किए जा रहे खेत

कस्बे सहित आसपास के गांवों में इन दिनों किसान खरीफ फसलों की तैयारियों में जुट गए हैं। भीषण गर्मी और रोहिणी नक्षत्र के दौरान धरतीपुत्र खेतों में हंकाई-जुताई, गोबर खाद डालने तथा कम्प्यूटर लेवल से खेत समतल करने का कार्य तेजी से कर रहे हैं। बरसात का मौसम नजदीक आते ही किसानों ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि इस समय की जाने वाली गहरी हंकाई-जुताई खेतों के लिए बेहद लाभकारी होती है।

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May 27, 2026
नोताडा. कस्बे में एक खेत को धान के लिए कम्प्यूटर लेवल से तैयार करता किसान। पत्रिका

नोताड़ा. कस्बे सहित आसपास के गांवों में इन दिनों किसान खरीफ फसलों की तैयारियों में जुट गए हैं। भीषण गर्मी और रोहिणी नक्षत्र के दौरान धरतीपुत्र खेतों में हंकाई-जुताई, गोबर खाद डालने तथा कम्प्यूटर लेवल से खेत समतल करने का कार्य तेजी से कर रहे हैं। बरसात का मौसम नजदीक आते ही किसानों ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों की तैयारी शुरू कर दी है।
किसानों का कहना है कि इस समय की जाने वाली गहरी हंकाई-जुताई खेतों के लिए बेहद लाभकारी होती है।

तेज धूप और अधिक तापमान के कारण मिट्टी के अंदर तक सूर्य की किरणें पहुंचती हैं, जिससे फसल रोग फैलाने वाले कीट, फफूंद और हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और फसलें रोगमुक्त रहती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रोहिणी नक्षत्र को कृषि कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

इसी कारण किसान बरसात शुरू होने से पहले खेतों को तैयार करने में जुट जाते हैं। इस दौरान खेतों में गोबर की खाद डालकर गहरी जुताई की जाती है, जिससे मिट्टी भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर बनती है। किसानों का मानना है कि समय पर की गई हंकाई-जुताई से पैदावार अच्छी होती है और खेतों की जल ग्रहण क्षमता भी बढ़ती है।

धान की खेती को ध्यान में रखते हुए किसान कम्प्यूटर लेवल तकनीक का सहारा ले रहे हैं। धान की फसल में अधिक पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए खेतों का समतल होना जरूरी माना जाता है। ढालू खेतों में पानी टिक नहीं पाता, जिससे फसल प्रभावित होती है। ऐसे में किसान खेतों को प्लेन करवाकर बरसाती पानी रोकने की तैयारी कर रहे हैं।

इन दिनों क्षेत्र के खेतों में ट्रैक्टरों की आवाज गूंज रही है और किसान सुबह से शाम तक खेत तैयार करने में जुटे नजर आ रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ भी गर्मी के मौसम में गहरी जुताई को फायदेमंद बताते हैं, क्योंकि इससे मिट्टी की संरचना सुधरती है और आगामी खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ जाती है।

बूंदी. नौतपा के दूसरे दिन मंगलवार को दिनभर लू के थपेड़ों ने लोगों को परेशान किए रखा। सुबह से ही गर्म हवा शूल की भांति चूभती रही।

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