बूंदी

Bundi : मेज नदी पर हाइलेवल ब्रिज बनेगा नई उम्मीद

क्षेत्र के पापड़ी गांव के पास मेज नदी पर बन रहा हाई लेवल ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

2 min read
Mar 13, 2026
बड़ाखेड़ा. मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज निर्माण को लेकर बिछाई गई गिट्टी।

बड़ाखेड़ा. क्षेत्र के पापड़ी गांव के पास मेज नदी पर बन रहा हाई लेवल ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। वर्षों से दुर्घटनाओं और जाम की समस्या झेल रहे क्षेत्र के लिए यह पुल बड़ी राहत लेकर आएगा। एप्रोच मार्ग पर गिट्टी बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है और डामरीकरण के बाद इसे आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

आज भी ताजा है हादसे का दर्द
फरवरी 2020 में मेज नदी की पुरानी पुलिया उस समय मौत की पुलिया बन गई थी, जब यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी थी। इस हृदयविदारक हादसे में 24 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी और कई परिवारों के घरों के चिराग एक साथ बुझ गए थे। इस हादसे ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को झकझोर दिया। दुर्घटना के बाद सुरक्षित और ऊंचे पुल की मांग तेज हो गई।

लगातार जनदबाव और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद वर्ष 2021 में मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज निर्माण की घोषणा की गई। राज्य सरकार ने इसके लिए 37.46 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। वर्ष 2025 में एक बार फिर पुरानी पुलिया पर हादसा हुआ, जब एक कार नदी में गिर गई और चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

अब अंतिम चरण में कार्य
वर्ष 2025 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एप्रोच सड़क निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली। वर्तमान में एप्रोच मार्ग पर गिट्टी बिछ चुकी है और अब डामरीकरण का कार्य शेष है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कार्य शीघ्र पूरा कर पुल को आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।

जाम और जलभराव से मिलेगी राहत
मेज नदी की पुरानी पुलिया पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। बरसात में नदी के उफान पर आने से कोटा-लालसोट मेगा हाईवे बाधित हो जाता था। कई बार घंटों तक यातायात ठप रहता था, जिससे विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।

एप्रोच सड़क में अटका था काम
निर्माण एजेंसी ने पुल का मुख्य ढांचा तय समय में तैयार कर लिया था। मजबूत पिलर और पर्याप्त ऊंचाई के साथ यह पुल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन दोनों ओर एप्रोच सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी होने से आवागमन शुरू नहीं हो सका। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने से तैयार पुल भी लंबे समय तक उपयोग में नहीं आ पाया।

Updated on:
13 Mar 2026 05:04 pm
Published on:
13 Mar 2026 05:03 pm
Also Read
View All

अगली खबर