9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bundi : टैंकर-कैंपर के भरोसे जिंदगी, पेयजल संकट से जूझ रहे नैनवां के बा​शिंदे

शहर में जलापूर्ति में सुधार नही होने से शहर में टैंकर व कैम्पर ही पानी का सहारा बने हुए है। नहाने-धोने के लिए टैंकरों से तो पीने के लिए कैम्परों का पानी खरीदना पड़ रहा है। पाईबालापुरा बांध लबालब भरा होने व नलकूपों में भी पानी की भरमार होने के बाद भी पेयजल योजना से पूरा पानी नही मिल पाने से जलदाय विभाग एक पखवाड़े से शहर में 72 घण्टे में जलापूर्ति कर रहा है।

2 min read
Google source verification
Bundi : टैंकर-कैंपर के भरोसे जिंदगी, पेयजल संकट से जूझ रहे नैनवां के बा​शिंदे

नैनवां. शहर में टैंकरों से घरों में भरवाया जा रहा पानी।

नैनवां. शहर में जलापूर्ति में सुधार नही होने से शहर में टैंकर व कैम्पर ही पानी का सहारा बने हुए है। नहाने-धोने के लिए टैंकरों से तो पीने के लिए कैम्परों का पानी खरीदना पड़ रहा है। पाईबालापुरा बांध लबालब भरा होने व नलकूपों में भी पानी की भरमार होने के बाद भी पेयजल योजना से पूरा पानी नही मिल पाने से जलदाय विभाग एक पखवाड़े से शहर में 72 घण्टे में जलापूर्ति कर रहा है। परकोटे के अंदर के कुछ जोन गाड़ी खाना, पटवा पाड़ा, तेली पाड़ा, मुख्य बाजार, मालदेव चौक, लोहड़ी चौहटी में तो पांच दिन में बीस मिनट ही जलापूर्ति हो रही है। शहर के अन्य क्षेत्र में भी 72 से 90 घण्टों में जलापूर्ति होने से गर्मी के मौसम में पानी के संकट से परेशान लोगों को टैंकरो से पानी मंगवाना पड़ रहा है। पाईबालापुरा पेयजल योजना पर दस नलकूप चालू होने के बाद भी पानी की किल्लत बनी हुई है।

जलदाय विभाग पाईबालापुरा पेयजल योजना से जलापूर्ति प्रबंधन को सुधार नही पाया। शहर में पहले ही जलदाय विभाग 48 घण्टे में जलापूर्ति करता आ रहा था। पेयजल योजना से पानी कम आने से शहर के परकोटे के बाहर की बस्तियों व परकोटे के अंदर के सीधी बुस्टिंग वाले जोनों में जलदाय विभाग 72 घण्टे में जलापूर्ति कर रहा है।


अधिशासी अभियंता से सीधी बात
जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता हीरेन्द्र कराड शुक्रवार को नैनवां पहुंचे। पत्रिका ने उनसे बातचीत की।
सवाल : क्या विभाग के जल स्रोतों में पानी की कमी है?
जवाब : जलस्रोतों में पानी की कोई कमी नही है। सभी जलस्रोतों में पर्याप्त पानी है। डिस्चार्ज भी अच्छा मिल रहा है।
सवाल : तो फिर शहर में जलापूर्ति प्रबंधन बिगडऩे के क्या कारण है?
जवाब : इसका ही पता लगाने आए है। सुधार के प्रयास किए जाएंगे। कहा कमी है इसको देख रहे है।
सवाल : पाईबालापुरा पेयजल योजना की नैनवां आ रही राइङ्क्षजग लाइन में हो रहे लीकेज ठीक क्यों नहीं कराए जा रहे?
जवाब : इसके लिए कम से कम बीस घण्टे लगेंगे। पेयजल योजना से पानी बन्द करवाना होगा। गर्मी का मौसम निकलने के बाद ही लीकेज ठीक करवाए जाएंगे।
सवाल : जलदाय विभाग परिसर में जल संग्रहण के लिए बनाए नवनिर्मित जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को उपयोग में क्यों नही लिया जा रहा?
जवाब : जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को उपयोग में लेने के लिए सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता को आज ही निर्देश दे दिए है।
सवाल : पाईबालापुरा पेयजल योजना पर खुदाए दो नए नलकूप चालू क्यो नही हो पाए?
जवाब : पाईबालापुरा पेयजल योजना पर पहुंचकर दोनों नलकूपों का मौका देख लिया। जिनको चालू करवाया जा रहा।