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Bundi News: टीम ने ऑपरेशन के बारे में पूछा, ओटी, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और लेबर रूम का किया निरीक्षण

जनाना अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में सीजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त कोटा के निर्देश पर कोटा मेडिकल कॉलेज के चार वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम शनिवार को बूंदी पहुंची। टीम ने जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण कर ऑपरेशन, उपचार और मरीजों की स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई।
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Updated: 20 Sep 2026, 12:02 PM IST
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बूंदी. जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते कोटा से आई टीम के सदस्य।

बूंदी. जनाना अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में सीजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त कोटा के निर्देश पर कोटा मेडिकल कॉलेज के चार वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम शनिवार को बूंदी पहुंची। टीम ने जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण कर ऑपरेशन, उपचार और मरीजों की स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच टीम ने संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ से चारों प्रसूताओं के ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी ली। टीम ने पूछा कि ऑपरेशन कब-कब और किस चिकित्सक ने किए, ऑपरेशन के दौरान मरीजों की क्या स्थिति थी और ऑपरेशन के बाद उन्हें किस तरह का उपचार दिया गया।

मरीजों की ऑपरेशन से पहले की चिकित्सकीय स्थिति, उपचार के दौरान सामने आई समस्याओं और अब तक किए गए ऑपरेशन से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की गई। टीम ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के साथ पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और लेबर रूम का भी निरीक्षण किया। उपचार से संबंधित कागजात और अन्य रिकॉर्ड देखे गए। जांच टीम को दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

चार प्रसूताओं की बिगड़ी थी तबीयत

उल्लेखनीय है कि जनाना अस्पताल में चार महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। महिलाओं को यूरिन बंद होने और लगातार रक्तस्राव की शिकायत के बाद तत्काल कोटा रेफर किया गया। कोटा में उपचार के दौरान सिलोर निवासी वर्षा सेन और नैनवां निवासी कविता कुमावत की मौत हो गई। वहीं दो अन्य प्रसूताओं की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उनका कोटा में उपचार चल रहा है।

यह थे टीम में शामिल

कोटा मेडिकल कालेज की टीम में निश्चेतना विभाग की डॉ. उषा दडिय़ा को संयोजक बनाया गया है। टीम में मेडिसिन विभाग के डॉ. पंकज जैन, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. राहुल अग्रवाल और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. आशिला विजय शामिल हैं।
टीम ने जनाना अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया और संबंधित स्टाफ से आवश्यक जानकारी जुटाई। टीम ने ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज, उपचार करने वाले चिकित्सकों, ऑपरेशन के समय, मरीजों को दिए गए उपचार तथा ऑपरेशन से पहले की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

ओटी सील

मामले के बाद एहतियात के तौर पर जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी ने इलाज में उपयोग की गई दवाओं और इंजेक्शन के सैंपल भी लिए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है। इसके अलावा जिला स्तर पर उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा की अध्यक्षता में अलग जांच कमेटी भी गठित की गई है। दोनों स्तरों पर जांच के बाद ही प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे और मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मौत और संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है।
डॉ. एल.एन. मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, बूंदी

Updated on:
20 Sep 2026, 12:02 PM IST
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