
घर के बाहर बैठे कांग्रेस नेता और पुलिसकर्मी। इनसेट में निर्दलीय पार्षद राधिका। फोटो: पत्रिका
बूंदी। कापरेन नगरपालिका चुनाव में वार्ड 20 से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को लेकर मंगलवार को देईखेड़ा में दिनभर हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। कापरेन पुलिस अपहरण की रिपोर्ट के आधार पर पार्षद को दस्तयाब करने उनके मामा महावीर मीणा के घर पहुंची। पुलिस के सादे वर्दी और निजी वाहन में पहुंचने पर परिजनों ने विरोध जताया और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
कापरेन थानाधिकारी राजाराम जाट ने बताया कि कापरेन निवासी बृज गोपाल शर्मा की ओर से राधिका मीणा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उन्हें दस्तयाब कर कापरेन थाने ले जाना चाहती है, जहां उनके स्वतंत्र बयान दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस कार्य समिति सदस्य अजीज, चोथमल मीणा, अधिवक्ता गोविंद शर्मा, नवनिर्वाचित पार्षद अशोक बाकलीवाल और अशोक मीणा सहित कई लोग देईखेड़ा पहुंच गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच समझाइश व वार्ता का दौर शुरू हुआ, लेकिन रात तक गतिरोध बना रहा।
परिजनों के अनुसार दोपहर में जब पुलिस पहुंची, उस समय घर पर केवल महिलाएं थीं, जबकि पुरुष खेतों में काम करने गए हुए थे। पुलिस राधिका को साथ ले जाने लगी तो महिलाओं ने विरोध किया और खेतों में मौजूद परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस दो जवानों को मौके पर तैनात कर वापस चली गई। पुलिस की तैनाती की सूचना फैलने के बाद घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जो रात तक मौजूद रही।
शाम को केशवरायपाटन पुलिस उपाधीक्षक अशोक जोशी और लाखेरी सीओ नरेंद्र नागर भी देईखेड़ा पहुंचे। रात करीब आठ बजे तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। पुलिस राधिका को दस्तयाब कर स्वतंत्र बयान कराने पर अड़ी रही, जबकि परिजन और कांग्रेस नेता घर पर ही बयान लेने तथा अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले बृज गोपाल शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।
पार्षद राधिका मीणा ने कहा कि अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले बृज गोपाल शर्मा को वह जानती तक नहीं हैं। उनका कहना है कि वह हांडया खेड़ा की निवासी हैं और अपनी इच्छा से देईखेड़ा स्थित मामा के घर आई हैं। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध की सूचना मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है। महिला से जुड़े मामले में उसके स्वतंत्र बयान दर्ज कराना आवश्यक है, इसलिए पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
Updated on:
16 Sep 2026, 10:02 AM IST
Published on:
16 Sep 2026, 9:40 AM IST
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