बूंदी

एक क्लिक पर मिलेगी बिजली उपभोक्ता की सही लोकेशन…

आए दिन बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत लाइन संबंधि होने वाली परेशानी व संबंधित उपभोक्ता तक पहुंचने वाले कर्मचारी की राह अब आसान होगी।

2 min read
Jul 28, 2018
आजादी के 70 सालों बाद भी गढ़-मढोरा बिजली से अछूता, लोग लालटेन जलाकर रोशन-पूर्ति कर रहे; सरकारी वादे में अधिकारियों ने पलीता लगाया

बूंदी. आए दिन बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत लाइन संबंधि होने वाली परेशानी व संबंधित उपभोक्ता तक पहुंचने वाले कर्मचारी की राह अब आसान होगी। शहर के सभी पोल व ट्रांसफार्मरों को जियो टेगिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

ससे बिजली उपभोक्ता का स्थान कर्मचारी को एक क्लिक में मोबाइल के माध्यम से आसानी से मिल जाएगा। इसको लेकर विद्युत वितरण निगम ने यहां शहर में चिह्नितकरण का कार्य शुरू कर दिया।


बिजली उपभोक्ताओं को आए दिन कभी लाइनों में खराबी, बिजली गुल होने व मीटर बदलाने के लिए या तो बार-बार विद्युत कार्यालय में फोन की घंटिया बजाने के अलावा इस समस्या को हल कराने के लिए उपभोक्ता को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।

ऐसे में उपभोक्ता की समस्या हल नहीं हो पाती और वह विद्युत विभाग की कार्य प्रणाली को कोसता रहता है। अब उपभोक्ता की यह समस्या जल्द दूर होती नजर आएगी। जयपुर विद्युत वितरण निगम के डिस्काम अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी।


यूं समझे जियो टेगिंग


कनिष्ठ अभियंता हरीश गुप्ता ने बताया कि एक अनुभवी टीम द्वारा एक एन्ड्रॉयड आधारित सॉफ्टवेयर (एप) तैयार कियाहै। जिसके जरिए जयपुर विद्युत वितरण निगम के फीडर इंचार्ज का ऑनलाइन सर्वे कार्य करना होगा। जिसको विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपने मोबाइल पर अपलोड करेंगे।

इसके बाद उनके मोबाइल पर एक मैप आएगा। संबंधित उपभोक्ता का फोन आने के बाद विभाग के अभियंता उसका खाता नंबर डालकर उसकी लोकेशन का पता लगा लेंगे। उसके बाद आसानी से संबंधित बिजली उपभोक्ता के घर पहुंच सकेंगे।


कर रहे चिह्नित


विभाग से मिले आदेश के बाद यहां विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने शहर के पोल व ट्रांसफार्मर को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया। बूंदी शहर में 28 फीडर स्थापित है। जिसमें से 12 फीडर पर कार्य शुरू कर दिया है। ऐसे में 30 ट्रासंफार्मर से जुड़े 805 उपभोक्ताओं की लोकेशन जीपीएस के जरिए ले ली गई है।


बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं


शहर के विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर के चिह्नित होने के बाद लगने वाले जीपीएस सिस्टम से बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं होगी। इस सिस्टम के माध्यम से यह पता चल जाएगा कि कौनसे पोल पर आंकड़े डालकर बिजली चोरी की जा रही है। ऐसे उपभोक्ता की जल्द धरपकड़ होगी।


जान रहे वास्तविक स्थिति, कर सकेंगे ऑनलाइन


जयपुर विद्युत निगम लिमिटेड की टेंडर प्रकिया द्वारा 33 के.वी. सबस्टेशन से निकलने वाले सभी फिडर से 11 केवी लाइन में लगे पोल, ट्रांसफार्मर ओर उनसे निकलने वाली एलटी लाइन के पोल और उन पर स्थित उपभोक्ताओं के कनेक्शन और उनके घर पर लगे हुए मीटरों की सही भौगोलिक जानकारी के लिए बिजली वितरण तंत्र का जिओ टैगिंग सिस्टम नक्शा बनाना है।


बूंदी शहर में विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर के चिह्निकरण का कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद जिओ टेगिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके बाद विभाग का कर्मचारी आसानी से उपभोक्ता तक पहुंच सकेगा।
अजय सोनी, सहायक अभिंयता, जयपुर विद्युत वितरण निगम, बूंदी

ये भी पढ़ें

अब सरकारी स्कूलों की स्टार रैंकिंग…
Published on:
28 Jul 2018 01:33 pm
Also Read
View All