बूंदी

देर रात किया परिणाम जारी, सुबह वाल्मीकि समाज का फूटा आक्रोश

सफाईकर्मी भर्ती का परिणाम जारी करने में धांधली का आरोप लगाते हुए यहां वाल्मीकि कल्याण परिषद का
2 min read
Jul 15, 2018
Late night results were released, morning rage of Valmiki society
देर रात किया परिणाम जारी, सुबह वाल्मीकि समाज का फूटा आक्रोश

बूंदी. सफाईकर्मी भर्ती का परिणाम जारी करने में धांधली का आरोप लगाते हुए यहां वाल्मीकि कल्याण परिषद का शनिवार को नगर परिषद के बाहर रोष फूट पड़ा। युवाओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चार मांगें रखी, जिनके पूरा नहीं होने तक रविवार से नगर परिषद के बाहर धरना देने की चेतावनी दी है। साथ ही शहर की सफाई में लगे ठेकाकर्मियों ने रविवार से काम पर नहीं जाने का निर्णय किया है।
सफाईकर्मी भर्ती का देर रात परिणाम जारी करने और नियुक्ति पत्र देने में जल्दबाजी की सूचना मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में युवक नगर परिषद के बाहर जमा हो गए। उन्होंने यहां टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। वाल्मीकि कल्याण परिषद के विक्रम कुमार डाबोडिया ने बताया कि सफाई कार्य के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। जिन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया। ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वर्ष २०१४ से बूंदी नगर परिषद में चल रहे रिक्त पदों का विवरण सही प्रकार से जयपुर भेजा जाए। इसे सभापति महावीर मोदी एवं कार्यवाहक आयुक्त अरुणेश शर्मा लिखित में जयपुर भेजे ताकि सफाई कर्मचारियों के पदों में बढ़ोतरी हो सके। शुक्रवार की रात आठ बजे बिना कोई सूचना गुपचुप परिणाम जारी कर जो नियुक्तियां देने की तैयारी जा रही है उसे तुरंत प्रभाव से स्थगित किया जाए।
सफाईकर्मी भर्ती सूची में वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य समाजों के लोगों को भी शामिल कर लिया गया जो हटाए जाने चाहिए।

डाबोडिया ने बताया कि वाल्मीकि समाज के हितों पर कुठाराघात कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में कमल नरवाला, रवि डागर, अमित डागर, अजय कुमार लद्दड़, सुनील डागर, विक्रम झावा, अनिल तम्बोली, मोनू डाबोडिया, राधेश्याम गोंद आदि मौजूद थे।


यह है मामला
नगर परिषद और पांच पालिकाओं में सफाई कर्मचारियों भर्ती के लिए लॉटरी २७ जून को निकाली गई, लेकिन तब नतीजे जारी नहीं किए। नतीजों को जिला कोषागार में रखवाया गया। परिणाम शुक्रवार की रात जारी किए गए। बूंदी नगर परिषद में ५९ सफाई कर्मचारियों की सूची कलक्ट्रेट में चस्पा कर दी गई। यहां सफाई कर्मी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने की लंबे समय से मांग थी, लेकिन देर रात जारी की सूची में अन्य वर्ग के लोगों के भी नाम दिखाई पड़े जिससे वाल्मीकि समाज में रोष व्याप्त हो गया।

Published on:
15 Jul 2018 12:26 pm