जिले के बडूंदा निवासी महिला के जज्बे को सलाम। एक ऐसा उदाहरण मदर मिल्क बैंक में देखने को मिला, जहां बडूंदा निवासी मोनिका ने 6 माह 20 दिन के नवजात शिशु को जन्म दिया,जो लगातार दो माह तक जिला चिकित्सालय के एफबीएनसी में भर्ती रहा।
बूंदी. जिले के बडूंदा निवासी महिला के जज्बे को सलाम। एक ऐसा उदाहरण मदर मिल्क बैंक में देखने को मिला, जहां बडूंदा निवासी मोनिका ने 6 माह 20 दिन के नवजात शिशु को जन्म दिया,जो लगातार दो माह तक जिला चिकित्सालय के एफबीएनसी में भर्ती रहा। जन्म के समय नवजात शिशु का वजन 850 ग्राम था। समय से पहले एवं कम वजन के जन्मे नवजात शिशु को लगातार दो माह तक मदर मिल्क बैंक से दूध लेकर पिलाया गया। समय से पहले प्रसव होने से प्रसूता के दूध नहीं बनने पर नवजात शिशु को दूध पिलाने में सक्षम बनाने के लिए मिल्क बैंक में 101 बार सिङ्क्षटग दी गई। साथ ही नवजात शिशु को लगातार दो माह तक मिल्क बैंक द्वारा 152 यूनिट लगभग साढ़े चार लीटर दूध उपलब्ध करवाया गया। वर्तमान में बच्चे का वजन 2 किलो के ऊपर है और तीन माह का बच्चा स्वस्थ है। मोनिका ने अपने समय से पहले एवं कम वजन के जन्मे नवजात शिशु के लिए हिम्मत नहीं हारी और परिवार के साथ मिलकर उसने नवजात शिशु की देखभाल की।
5 हजार नवजात शिशुओं को मिली ङ्क्षजदगी
मदर मिल्क बैंक में अब तक 7 वर्ष 2 माह में 6 हजार 769 माताओं ने 9 लाख 64 हजार 80 एमएल (964 लीटर) दूधदान कर 4 हजार 942 नवजात शिशुओं को नया जीवनदान देकर लाभांवित किया हैै। वर्तमान में मिल्क बैंक में 778 यूनिट दूध स्टोरेज है। जानकारी के अनुसार जनवरी से मई माह-2024 तक यहां बैंक में 237 माताओं ने 27 हजार 700 लीटर दूध दान किया है, जो 173 बच्चों को दूध नसीब हो सका। बैंक नवजात शिशु जो कमवजन, समय से पहले जन्में, मां के दूध से वंचित एवं बीमार बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करा रहा है। या यू कहें तो नवजात के लिए मदर मिल्क बैंक नया जीवन देने वाला साबित हो रहा है।
21 हजार माताओं को बनाया सक्षम
मदर मिल्क बैंक की टीम इस कार्य में जुटी हुई है। बैंक ने निसंतान दम्पती के गोद ली हुई संतान को मां का दूध देकर मातृत्व सुख प्राप्त कराया। वहीं अस्पताल में भर्ती प्रसूता जो किसी कारणवश नवजात शिशुओं को दूध नहीं दिला पाती,ऐसे अब तक 21 हजार 779 प्रसूताओं को नवजात पिलाने में सक्षम बनाया गया है। इस कार्य के लिए मदर मिल्क बैंक मैनेजर ममता अजमेरा, ऑफिस इंचार्ज अमरीन अंसारी, डोनर रूम इंचार्ज सुनीता मीणा, पीडिया काउंसलर लेखा राठौड़ व सहायकर्मी सज्जन ममता कार्यरत है।
..ताकि मां के दूध से वंचित नहीं रहे
बैंक में प्रतिदिन 4-5महिलाएं दूध दान करने पहुंच रही। साथ ही डिमांड के अनुसार अस्पताल के साथ एफबीएनसी में पूर्ति भी हो रही है। कई महिलाएं बैंक में दूध दान करने भी पहुंच रही है,ताकि कोई नवजात मां के दूध से वंचित नहीं रहे।
कई रोगों से बचाता है मां का दूध
मां का दूध नवजात के लिए सर्वोतम होता है। जरूरतमंद बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करवाने में मदर मिल्क बैंक अपनी भूमिका बखूबी निभा रहा है। यह बैंक इसलिए खोला गया जिन बच्चों को अपनी मां का दूध प्राप्त नहीं होता है वो यहां आकर अन्य बच्चों की तरह स्वस्थ रह सके और मां का पौष्टिक दूध मिल सके।
डॉ.प्रभाकर विजय,प्रमुख चिकित्सा अधिकारी,बूंदी
नवजात शिशुओं को नया जीवनदान दिया
आंचल मदर मिल्क बैंक को खुले हुए 7 वर्ष 2 माह पूर्ण हो चुके। शुरुआत से यह प्रयास रहा कि कोई भी नवजात शिशु मां के दूध से वंचित न रहे। इन 7 वर्षों में मिल्क बैंक की कई उपलब्धियां रही। इस दौरान 6769 माताओं ने 964 लीटर दूध दान कर 4942 नवजात शिशुओं को नया जीवनदान दिया है ।
ममता अजमेरा, मैनेजर,आंचल मदर मिल्क बैंक,बूंदी