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Bundi : पशु चिकित्सालय के लिए पांच साल पहले भूमि आवंटित

क्षेत्र के चरडाना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोलने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा करीब पांच साल पहले जगह आवंटित होने के बावजूद अब तक भवन निर्माण के लिए वित्तिय स्वीकृति जारी नहीं होने से क्षेत्र के पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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बूंदी

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pankaj joshi

May 11, 2026

Bundi : पशु चिकित्सालय के लिए पांच साल पहले भूमि आवंटित

कापरेन.  चरडाना में पशु चिकित्सालय के लिए आवंटित जगह वित्तीय स्वीकृति के अभाव में उग रही खरपतवार।

कापरेन. क्षेत्र के चरडाना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोलने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा करीब पांच साल पहले जगह आवंटित होने के बावजूद अब तक भवन निर्माण के लिए वित्तिय स्वीकृति जारी नहीं होने से क्षेत्र के पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रशासक सरपंच सुनीता मीणा, कालू मीणा ने बताया कि पशु पालकों की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर ग्राम पंचायत में माताजी मन्दिर के समीप प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोलने के लिए भूमि आवंटित की गई थी। चिकित्सालय के लिए ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत भूमि को पशु पालन विभाग के नाम किया गया है।

वहीं नोडल पशु चिकित्सालय प्रभारी द्वारा प्रस्ताव बनाकर भी भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक पशु चिकित्सालय के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं होने से पशु पालकों को दस किमी दूर आकर कापरेन चिकित्सालय में पशुओं का उपचार करवाना पड़ रहा है। पशु पालकों का कहना है कि स्थानीय पशु पालकों की मांग पर ग्राम पंचायत द्वारा विभाग द्वारा मांगी गई भूमि उपलब्ध करवाकर पशु चिकित्सालय के नाम कर भूमि अधिकारी सबंधित विभाग को सौप दिया गया है, जिससे नया पशु चिकित्सालय खुलने और पशु पालकों को राहत मिलने की उम्मीद थी।

चार दर्जन गांवों के पशु पालकों का जुड़ाव
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत चरडाना से आसपास के चार दर्जन से अधिक गांवों के पशु पालकों का जुड़ाव है। पशु चिकित्सालय खुलने पर क्षेत्र के लोगो को लाभ मिलेगा। इसके अभाव में पशु पालकों को दस किमी दूर कापरेन तक जाना पड़ता है। बीमार पशुओं को इतनी दूरी तय करने और उपचार करवाकर वापस लौटने में ही दिनभर लग जाता है।

वित्तिय स्वीकृति नहीं मिली
प्रशासक सरपंच सुनीता मीणा ने बताया कि सभी आवश्यक दस्तावेज सबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। आवंटित जमीन पशु पालन विभाग के नाम करवा दी गई है और रजिस्ट्री भी करवाई जा चुकी है। प्रस्ताव बना कर भेजा जा चुका है। इसके बावजूद वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। सरपंच ने बताया कि चिकित्सालय की मांग को लेकर ग्राम पंचायत के स्तर पर भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति के अभाव में आवंटित जगह में खरपतवार भरी हुई है और अनुपयोगी पड़ी हुई है।

प्रस्ताव भेजा हुआ है
नोडल चिकित्सालय प्रभारी कापरेन डॉ. हितेश मीणा ने बताया कि आसपास के पशु पालकों की समस्या को देखते हुए चरडाना में पशु चिकित्सालय की सख्त जरूरत है। ग्राम पंचायत द्वारा जगह आवंटित कर रखी है। पट्टा और रजिस्ट्री पशु पालन विभाग के नाम हो रही है। प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज रखा है। भवन निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज रखा है और सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा ही भवन का निर्माण करवाया जाना है। चिकित्सालय के लिए अभी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से कार्य आगे नही बढ़ रहा है।