
बूंदी. जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद विभागीय ऐप से प्राप्त डेटा के आधार पर चिन्हित किए गए खतरनाक स्थानों पर मंगलवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के संयुक्त दल ने बूंदी शहर के विभिन्न दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए टीम ने पुराने बायपास रोड से नवल सागर तक होने वाली अवैध पार्किंग पर गंभीर ङ्क्षचता जताई।
दल ने आम सहमति से इस पूरे मार्ग को ‘नो-पार्किंग जोन’ घोषित करने की अनुशंसा की है, ताकि यहां वाहनों का अवांछित जमावड़ा न लगे और यातायात निर्बाध रूप से चल सके। अभी यहां ये हाल है कि बायपास पर जगह-जगह लोग अपने वाहनों की पार्किग कर देते है, जिससे हर पल दुर्घटना होने का भय बना रहता है। नो पार्किंग जोन बनने से लोगों को राहत मिलेगी।
निरीक्षण दल ने शहर के तीन प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया, जहां दुर्घटनाओं की आशंका सबसे अधिक रहती है। इनमें सिलोर रोड चौराहा, चित्तौड़ रोड चौराहा और लग्दरिया भैरूजी तिराहा शामिल है। संयुक्त दल ने इन ब्लैक स्पॉट््स पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई निर्णय लिए हैं। इसके तहत सडक़ों के किनारे मौजूद अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाने और वाहन चालकों की ²श्यता को बाधित करने वाली झाडिय़ों व जंगली घास की सफाई के निर्देश दिए गए। रास्तों में बने गड्ढों (पॉट होल्स) को जल्द से जल्द भरवाने और डिवाइडर को निर्धारित मापदंडों के अनुसार दुरुस्त व विकसित करने को कहा गया है। इसके अलावा चौराहों पर रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू करने और आवश्यकतानुसार नई लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया।
वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाने, उचित रोड मार्किंग करने और वाहन चालकों की सतर्कता के लिए जरूरी चेतावनी व सूचना बोर्ड लगाने के सुझाव दिए गए। संयुक्त निरीक्षण में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा, बूंदी पुलिस वृत्ताधिकारी अनिल जोशी, अधिशाषी अभियंता राजाराम मीणा, सब-इंस्पेक्टर जितेन्द्र ङ्क्षसह, नगर परिषद के सहायक अभियंता दिनेश कुमार मीणा और एनआईसी ऑफिस के कार्तिकेय शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहें।