पाईबालापुरा पेयजल योजना से आ रहे पानी का संग्रहण के लिए जलदाय विभाग कार्यालय में बने नवनिर्मित जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को उपयोग में नही लिया जा रहा। पानी संग्रह करने के लिए संसाधन कमी को देखते हुए ही जलाशय का निर्माण कराया था।
नैनवां. पाईबालापुरा पेयजल योजना से आ रहे पानी का संग्रहण के लिए जलदाय विभाग कार्यालय में बने नवनिर्मित जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को उपयोग में नही लिया जा रहा। पानी संग्रह करने के लिए संसाधन कमी को देखते हुए ही जलाशय का निर्माण कराया था। पाईबालापुरा पेयजल योजना से नैनवां आ रहे पानी को संग्रहित करने लिए जलाशयों की कमी को देखते हुए जलदाय विभाग ने 13 लाख की लागत से दो लाख लीटर पानी की क्षमता के जलाशय का निर्माण कराया था। जलाशय से पम्प हाउस तक पाइपलाइन का भी मिलान हो रहा है। तीन माह से जलाशय तैयार है। उसके बाद भी विभाग द्वारा उपयोग में नहीं लिया जा रहा है।
पाईबालापुरा योजना के पानी को संग्रहित करने के लिए शहर में तीन उच्च जलाशय व दो भूमिगत जलाशय बने हुए है। जिनमें पेयजल योजना से आ रहा पूरा पानी को संग्रहित करने की कमी बनी हुई थी। जिसके कारण शहर की जलापूर्ति प्रभावित हो रही थी।पाईबालापुरा पेयजल योजना पर पानी का उत्पादन बढ़ाने के लिए पेयजल योजना पर जलदाय विभाग द्वारा दो नए नलकूप भी खुदाए है। दोनों नलकूपों में पानी की भरमार है। नलकूपों को खुदवा दिया लेकिन उनकी लाइन का पम्प हाउस तक मिलान नहीं कराने से उनसे पानी नहीं मिल पा रहा। शहर में जलापूर्ति व्यवस्था का विभाग ने ठेका दे रखा है। निविदा की शर्तों के अनुसार जलापूर्ति के लिए पांच व्यक्ति रखे जाने थे। तीन व्यक्ति ही लगे होने से शहर में विभाग द्वारा निर्धारित समय पर जलापूर्ति नही हो पा रही।
इनका कहना है
जलदाय विभाग की सहायक अभियंता जसोदा डिडवानिया ने कहा कि नवनिर्मित जलाशय में पानी का संग्रहण शुरू कराने व नए खुदाए दोनों नलकूपों को चालू कराने की प्रक्रिया चल रही है।