सरकारी महकमों की गाड़ी कार्यवाहकों के भरोसे हांकी जा रही है।
बूंदी. सरकारी महकमों की गाड़ी कार्यवाहकों के भरोसे हांकी जा रही है। जिला मुख्यालय से लेकर तहसीलों तक यही हाल है। दफ्तरों में जिम्मेदार अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। उनकी जगह कनिष्ठ वर्ग के अधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। ऐसे में आमजन से जुड़े कामकाज तो प्रभावित हो ही रहे हैं, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तरीके से लोगों को मिलने में परेशानी आ रही है।
उनकी जगह कनिष्ठ वर्ग के अधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। ऐसे में आमजन से जुड़े कामकाज तो प्रभावित हो ही रहे हैं, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तरीके से लोगों को मिलने में परेशानी आ रही है। जिले की वर्तमान तस्वीर पर नजर डालें तो लगभग डेढ दर्जन अधिकारियों की कुर्सियां कार्यवाहकों के भरोसे चल रही है। रिक्त पदों को भरने में सरकार कतई रुचि नहीं दिखा रही है। जिससे सरकारी व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
मुख्यालय का ही हाल बुरा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में कई कार्यवाहक जिम्मेदारों की कुर्सियां संभाल रहे हैं। बूंदी तहसीलदार के पद पर प्रशिक्षु आरएएस को लगाकर काम चलाया जा रहा है, जबकि यहां स्थायी तहसीलदार की जरूरत है। बूंदी मुख्यालय पर सब रजिस्ट्रार का पद भी बीते एक साल से खाली चल रहा है।
जिस पर भी कार्यवाहक जैसे तैसे व्यवस्था संभाल रहे हैं। बूंदी नगर परिषद में आयुक्त का पद भी काफी समय से रिक्त है। यहां सहायक अभियंता काम देख रहा है। जिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी लंबे अवकाश पर हैं, कार्यवाहक ही अस्पताल को संभाल रहे हैं। यहां पर आए दिन प्रमुख चिकित्सा अधिकारी बदलते रहते हैं।
नवां शहर में जलदाय विभाग में सहायक अभियंता का पद खाली है। कार्यवाहक के रूप में कनिष्ठ अभियंता कामकाज संभाल रहे हैं। केशवरायपाटन तहसीलदार का पद खाली होने से नायब तहसीलदार को जिम्मेदारी संभला रखी है। केशवरायपाटन में विकास अधिकारी का पद रिक्त है।
इनकी जगह नरेगा कनिष्ठ अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी है। तालेड़ा तहसीलदार का पद भी खाली चल रहा है। यहां पर नायब तहसीलदार ने पद संभाला, लेकिन वो भी लंबे अवकाश पर चले गए। ऐसे में कापरेन नायब तहसीलदार को शिविर की व्यवस्था संभालने के लिए लगा रखा है। तालेड़ा में विकास अधिकारी भी लंबे अवकाश पर हैं और पंचायत समिति के सहायक अभियंता के पास कार्यभार है।
उधर हिण्डोली पंचायत समिति में विकास अधिकारी का पद भी खाली है। उसकी जगह नरेगा सहायक अभियंता ने पद संभाल रखा है। इंद्रगढ़ में जलदाय विभाग कनिष्ठ अभियंता का पद रिक्त है। इसका जिम्मा कापरेन कनिष्ठ अभियंता के पास है।
बगड़ रही व्यवस्थाएं
भीषण गर्मी के चलते पेयजल संकट हर तरफ उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में जिम्मेदार अभियंताओं के पद खाली होने से पेयजल समस्या का त्वरित समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों की समस्या सुनने वाला ही कोई नहीं है। वहीं विकास अधिकारी व तहसीलदार के नहीं होने से भी आमजन के कई जरूरी काम प्रभावित होते हैं।जरूरी कामों के लिए लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते नजर आते है
जिला कलक्टर महेशचंद्र शर्मा का कहना है की जिले में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए सरकार व संबंधित विभाग को पत्र भेज रहे हैं। तहसीलदार के पद भरने के लिए भी उच्च स्तर पर पत्र भेजा है। यहां पर आमजन को राहत देने के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे।