साइबर थाना पुलिस ने अब ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों के पर कतरना शुरू कर दिया है। जिले के हॉट स्पॉट कहे जाने वाले इंद्रगढ़, करवर, नैनवां व हिण्डोली में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पोर्टल से प्राप्त डेटा के आधार पर कई ठगों को पकडऩे में कामयाबी हासिल की है।
बूंदी. साइबर थाना पुलिस ने अब ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों के पर कतरना शुरू कर दिया है। जिले के हॉट स्पॉट कहे जाने वाले इंद्रगढ़, करवर, नैनवां व हिण्डोली में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पोर्टल से प्राप्त डेटा के आधार पर कई ठगों को पकडऩे में कामयाबी हासिल की है।
साइबर थाना टीम ने जिले में करीब 400 से अधिक म्यूल एकाउंटों की पहचान कर उनको बंद कराया है, वहीं 200 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच कर कार्रवाई को अंजाम दिया है। हालांकि एसपी ऑफिस में साइबर थाना खुलने के बाद धोखाधड़ी की वारदातें के कई प्रकरण सामने आए है, वहीं दर्ज प्रकरण में बूंदी पुलिस को कई कामयाबी भी हाथ लगी है। कई ठगों के नेटवर्क ध्वस्त किए है। जबकि गिरोह लगातार नए सिमकार्ड लाकर वारदातें करने में जुटा है।
आईएमईआई नंबर से फोन ब्लॉक कराए
पुलिस ने सिमकार्ड के साथ आईएमईआई (इंटरनेशनल मोबाइल एक्विपमेंट आईडेंटी) नंबर भी ब्लॉक कराए है, जिनके मोबाइल चोरी या गुमशुदा है। इनको बंद कराने के पीछे पुलिस का मकसद इन नंबरों का गलत इस्तेमाल या ठग में अपराध में इसका इस्तेमाल नहीं होना है। ऐसे में करीब 2 हजार से अधिक नंबर पुलिस ने बंद कराए है। इसमें स्मार्ट फोन के साथ की-पैड मोबाइल सेट शामिल हैं। साइबर थाना पुलिस ने अब तक 600 से अधिक खोए हुए मोबाइल उनके धारकों को लौटाए है।
डेटा एकत्र कर रहे
जिले में फिलहाल सिमकार्ड ब्लॉक कराने के मामले में शुरुआत दौर में है। यहां अभी संदिग्ध नंबरों को चिङ्क्षहत किया जा रहा और डाटा एकत्र हो रहा है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भी आगे आया है। बीएसएनएल अब अपने सभी रिटेलर्स का सत्यापन करा रही है, जिससे सिमकार्ड गलत व्यक्ति के हाथ में नहीं जाए और फर्जीवाड़ा से बचा जा सके।
फर्जी सिमकार्डों पर कसी नकेल
जिले में फर्जी सिमकार्डों का बड़े स्तर पर उपयोग हो रहा है। इसमें सबसे अधिक फर्जी सिमकार्ड हॉट स्पॉट एरिया में चिङ्क्षहत किए गए है। ये सिमकार्ड राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों से खरीदे गए है। इनका उपयोग इलाके में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में किया जा रहा है। साइबर थाना पुलिस के सहायक उप निरीक्षक मुकेंद्र पाल ङ्क्षसह के अनुसार क्षेत्र में जो संदिग्ध बाहरी सिमकार्ड एक्टिव है, उन पर साइबर सेल नजर रखती है। शिकायतें मिलने और जांच पड़ताल के बाद इन सिमकार्डों को ब्लॉक किया जा रहा है।
बीएसएनएल भी हुआ सख्त
साइबर अपराधों को देखते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जिले में अपने सभी रिटेलर्स का सत्यापन शुरू करा दिया है। इसके लिए उपमंडल अधिकारियों की ओर से क्षेत्रबार डाटा तैयार कराया जा रहा है। बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी जी.एस.मीना ने बताया कि मुख्यालय से लगातार फर्जी नंबरों की लिस्ट आने के बाद उनको ब्लॉक कराया जा रहा है। हर महीने विभाग की ओर से नंबरों को ब्लॉक कराते है। जिले में बीएसएनएल के 248 रिटेलर्स है।
फैक्ट फाइल
कुल दर्ज प्रकरण - 21
कुल आरोपी गिरफ्तार - 13
वर्ष 2023 से अब तक शिकायत - 3541
निस्तारण - 2623
इतना हुआ अब तक फ्रॉड - 21 करोड़ 21 लाख 31 हजार 183
होल्ड कराई राशि - 98 लाख 7 हजार 400
इतनी रिफंड कराई राशि - 70 लाख 95 हजार 923
जागरूकता के कार्यक्रम चलाए - 305
इतने व्यक्तियों को किया जागरूक - 52 हजार 475
ब्लॉक किए जा रहे नंबर
बीएसएनएल ने बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और सिमकार्ड का गलत उपयोग रोकने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। फर्जी नंबरों को ब्लॉक कर रिटेलर्स को पांबद किया जा रहा है।
जे. पी. मीणा, टीडीएम,बीसीएनएल,बूंदी
जिले में ऑनलाइन ठगी के मामलों में साइबर थाना पुलिस एक्टिव मोड पर है। शिकायत के तुरुंत बाद आमजन को राहत दिलाई जा रही है। फिलहाल टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करने में जुटी हुई है साथ ही फर्जी खातों पर सख्ती अभियान जारी है। साइबर टीम ने कई बड़ी ठगी की वारदातों का खुलासा किया है।
उमा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बूंदी