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Bundi : खाकी बेड़े में नारी शक्ति का इकबाल बुलंद, हर मोर्चे पर मजबूत

वीआईपी सुरक्षा हो, रात के समय मुस्तैदी के साथ गश्त या फिर अपराध की जांच अब महिला पुलिस अधिकारी और कार्मिक हर मोर्चे पर मजबूती से डटी हैं। वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खाकी वर्दी में अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रही हैं।

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खाकी बेड़े में नारी शक्ति का इकबाल बुलंद, हर मोर्चे पर मजबूत

बूंदी पुलिस कर्मी।

बूंदी. वीआईपी सुरक्षा हो, रात के समय मुस्तैदी के साथ गश्त या फिर अपराध की जांच अब महिला पुलिस अधिकारी और कार्मिक हर मोर्चे पर मजबूती से डटी हैं। वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खाकी वर्दी में अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रही हैं।

हैड से लेकर एसआई स्तर तक की महिला कर्मी गंभीर अपराधों की जांच कर रही हैं, जिससे ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’ का पुलिस का नारा और अधिक बुलंद हो रहा है। प्रदेश में कुल करीब 1.10 लाख पुलिसकर्मियों में महिलाओं की भागीदारी अभी 33 प्रतिशत आरक्षण के लक्ष्य से दूर है, लेकिन लगातार भर्तियों में अलग कोटा उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ा रहा है। वर्तमान में राजस्थान पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 से 12 प्रतिशत, यानी करीब 12 से 13 हजार के आसपास पहुंच चुकी है। महिला पुलिसकर्मी महिला एवं बाल अपराध इकाई, कानून-व्यवस्था संधारण और कानूनी प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

जिले में लेडी कमांड
बूंदी जिले में भी महिला पुलिस की सशक्त भागीदारी नजर आ रही है। यहां दो एएसपी, एक प्रशिक्षु डीएसपी सहित करीब 150 महिला अधिकारी व कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। इनमें एएसपी उमा शर्मा (पुलिस अधीक्षक कार्यालय), एएसपी अदिति चौधरी (त्वरित अनुसंधान सेल) और आरपीएस (प्रशिक्षु) निर्मला पांडिया (कोतवाली) प्रमुख हैं। दबलाना में पुलिस निरीक्षक प्रिया व्यास, नमाना में माया बैरवा, महिला थाना में ममता कुमारी, मानव तस्करी यूनिट में यशोराज मीणा और सीआईडी जोन प्रभारी निर्मल रंधावा भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। कालिका यूनिट में 11 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं।

फील्ड में पुरुषों से बराबरी
राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण संस्थानों में महिला कर्मियों को पुरुषों के समान हथियार संचालन, ड्राइङ्क्षवग और कानूनी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें फील्ड पोङ्क्षस्टग में भी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

हर क्षेत्र में आगे
महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे वीआईपी सुरक्षा से लेकर जोखिम भरे अभियानों तक में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में पीडि़ताएं अब महिला पुलिस के सामने खुलकर अपनी बात रख रही हैं, जिससे मामलों के समाधान में भी तेजी आई है।

महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। नौकरी में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है और वे पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कई मामलों में महिला पुलिसकर्मियों ने मनचलों को सबक भी सिखाया है।
अदिति चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (त्वरित अनुसंधान सेल), बूंदी